होम महाराष्ट्र में महायुति की महाजीत, नगर निकाय चुनावों में विपक्ष का सूपड़ा साफ, बीजेपी बनी नंबर 1 पार्टी
मुंबई: महाराष्ट्र में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के नतीजों ने एक बार फिर राज्य की राजनीतिक दिशा स्पष्ट कर दी है। रविवार (21 दिसंबर, 2025) को आए परिणामों में सत्ताधारी महायुति गठबंधन ने प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए विपक्ष महाविकास अघाड़ी (MVA) को चारों खाने चित कर दिया है।
मुंबई: महाराष्ट्र में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के नतीजों ने एक बार फिर राज्य की राजनीतिक दिशा स्पष्ट कर दी है। रविवार (21 दिसंबर, 2025) को आए परिणामों में सत्ताधारी 'महायुति' गठबंधन ने प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए विपक्ष 'महाविकास अघाड़ी' (MVA) को चारों खाने चित कर दिया है। कुल 288 नगर निकायों में से महायुति ने 215 से अधिक सीटों पर कब्जा जमाया है, जबकि विपक्ष महज 51 सीटों पर सिमट कर रह गया है।
इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी है। नगराध्यक्ष के पदों पर बीजेपी ने 129 सीटों के साथ अपनी बादशाहत कायम रखी है। वहीं, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 51 नगराध्यक्ष पदों पर जीत दर्ज की है। खास बात यह है कि शिंदे की सेना का 'स्ट्राइक रेट' काफी ऊंचा रहा, जिससे उन्होंने साबित कर दिया कि जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ मजबूत हुई है।
नगराध्यक्ष पदों का गणित:
क्षेत्रवार आंकड़ों ने महायुति की पकड़ को और भी पुख्ता कर दिया है। विदर्भ क्षेत्र बीजेपी का अभेद्य किला साबित हुआ, जहां पार्टी ने अकेले 55 नगराध्यक्ष और 775 से अधिक नगरसेवक पद जीते। वहीं, कोंकण और ठाणे के इलाकों में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने बीजेपी को भी पीछे छोड़ते हुए जबरदस्त बढ़त बनाई। पश्चिम महाराष्ट्र में अजित पवार की एनसीपी का जादू चला, जहां उन्होंने 290 से अधिक नगरसेवक जीतकर अपना वर्चस्व बरकरार रखा।
विपक्षी खेमे के लिए ये नतीजे किसी झटके से कम नहीं हैं। महाविकास अघाड़ी के तीनों घटक दल मिलकर भी उतनी सीटें नहीं जीत पाए जितनी एकनाथ शिंदे ने अकेले हासिल कीं। कांग्रेस (35 सीटें) फिर भी सम्मानजनक स्थिति में रही, लेकिन उद्धव ठाकरे और शरद पवार के गुट दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। वहीं, राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) का इस चुनाव में खाता तक नहीं खुल सका, जो उनके लिए बड़ी चिंता का विषय है।
इस शानदार जीत पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की जनता का आभार व्यक्त करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जीत बताया। उन्होंने कहा:
"यह सफलता हमारे कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के अटूट विश्वास का परिणाम है। महाराष्ट्र की जनता ने एक बार फिर विकास की राजनीति पर मुहर लगाई है।"
इस जीत के साथ ही अब राज्य में अगले महीने (15 जनवरी) होने वाले बीएमसी (BMC) और अन्य 28 नगर निगमों के चुनावों के लिए महायुति का उत्साह दोगुना हो गया है।
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