होम लखनऊ, कानपुर और आगरा के लोगों पर बढ़ सकता है टैक्स का बोझ, मेट्रो प्रशासन ने भेजा प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश के तीन बड़े शहरों – लखनऊ, कानपुर और आगरा में जल्द ही जनता को एक और नया टैक्स चुकाना पड़ सकता है। दरअसल, उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने मेट्रो परियोजनाओं को विशेष सुविधा परियोजना का दर्जा दिलाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के तीन बड़े शहरों – लखनऊ, कानपुर और आगरा में जल्द ही जनता को एक और नया टैक्स चुकाना पड़ सकता है। दरअसल, उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने मेट्रो परियोजनाओं को विशेष सुविधा परियोजना का दर्जा दिलाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। अगर इसे मंजूरी मिल जाती है तो इन शहरों में रहने वाले लोगों पर अतिरिक्त टैक्स का बोझ बढ़ जाएगा।
मेट्रो रेल प्रशासन ने शासन से आग्रह किया है कि मेट्रो को विशेष सुविधा शुल्क नियमावली के तहत लाया जाए। इससे मेट्रो को विशेष परियोजना का दर्जा मिल जाएगा और इसके लिए अलग से शुल्क वसूलने का रास्ता खुल जाएगा। फिलहाल लखनऊ के लोग पहले से ही एलडीए ग्रीन कॉरिडोर शुल्क के नाम पर टैक्स भर रहे हैं।
केंद्र सरकार की मेट्रो रेल नीति 2017 के तहत राज्यों को मेट्रो परियोजनाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी के चलते यूपी सरकार ने शहरी नियोजन एवं विकास संशोधन अधिनियम लागू किया। इसके दायरे में मेट्रो रेल, लाइट रेल, रैपिड रीजनल रेल, बस रैपिड ट्रांजिट और रोपवे जैसी सेवाओं को शामिल किया गया है।
साल 2024 में इसके लिए विशेष सुविधा शुल्क नियमावली भी तैयार की गई थी। अब यूपीएमआरसी ने इसी नियमावली के तहत लखनऊ, कानपुर और आगरा की मेट्रो को इसमें शामिल करने का प्रस्ताव भेजा है।
अगर शासन से मंजूरी मिलती है तो अधिसूचना जारी होने के बाद इन शहरों की मेट्रो परियोजनाओं को विशेष सुविधा परियोजना का दर्जा मिल जाएगा। इसके बाद इन शहरों की जनता को विशेष शुल्क देना पड़ेगा। यूपीएमआरसी का कहना है कि इस कदम से मेट्रो परियोजनाओं को वित्तीय मजबूती मिलेगी और इनके विकास की रफ्तार तेज होगी।
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