होम लद्दाख में भड़का आंदोलन: क्यों सुलग रहा है गुस्सा, जानें सोनम वांगचुक की अगुवाई वाली बड़ी मांगें

समाचारदेशयूथ Alert Star Digital Team Sep 25, 2025 07:40 PM

लद्दाख में भड़का आंदोलन: क्यों सुलग रहा है गुस्सा, जानें सोनम वांगचुक की अगुवाई वाली बड़ी मांगें

Leh Protest बुधवार (24 सितंबर, 2025) को अचानक हिंसक हो गया। राजधानी लेह में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव के दौरान BJP ऑफिस और CRPF की गाड़ी को आग लगा दी गई। पुलिस पर भी stone pelting हुआ। इस घटना में चार लोगों की मौत और 70 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है।

लद्दाख में भड़का आंदोलन: क्यों सुलग रहा है गुस्सा, जानें सोनम वांगचुक की अगुवाई वाली बड़ी मांगें

Leh Protest बुधवार (24 सितंबर, 2025) को अचानक हिंसक हो गया। राजधानी लेह में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव के दौरान BJP ऑफिस और CRPF की गाड़ी को आग लगा दी गई। पुलिस पर भी stone pelting हुआ। इस घटना में चार लोगों की मौत और 70 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है।

आंदोलन की जड़ें

2019 में Article 370 हटने के बाद लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग कर Union Territory (UT) बना दिया गया था। उस समय सरकार ने भरोसा दिलाया था कि हालात सामान्य होने पर इसे दोबारा Full Statehood का दर्जा मिलेगा। लेकिन छह साल बाद भी वादा पूरा न होने से लोगों का गुस्सा भड़क गया और Ladakh Protest तेज हो गया।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें

प्रदर्शनकारियों की सबसे अहम मांग है कि लद्दाख को फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा (Full Statehood for Ladakh) दिया जाए। साथ ही वे संविधान की Sixth Schedule लागू करने की भी मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें स्थानीय मुद्दों पर फैसले लेने का अधिकार मिले। इसके अलावा उनकी मांग है कि:

  • Kargil और Leh को अलग-अलग लोकसभा सीट मिले।
  • विधानसभा सीटों को बहाल किया जाए।

छठवीं अनुसूची (Sixth Schedule) का मतलब

संविधान की Sixth Schedule जनजातीय इलाकों को विशेष अधिकार देती है। इसके तहत Autonomous District Council बनाई जाती है, जिसे जमीन, जंगल, पानी, खेती, खनन और सामाजिक मामलों पर कानून बनाने का अधिकार होता है। यह व्यवस्था अभी असम, त्रिपुरा, मेघालय और मिजोरम जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में लागू है।

राज्य के दर्जे की मांग क्यों?

लद्दाख के लोगों का कहना है कि Union Territory बनने के बाद उनके कई अधिकार खत्म हो गए।

  • अब वे Jammu & Kashmir Public Service Commission (JKPSC) की नौकरियों में आवेदन नहीं कर सकते।
  • विधानसभा में उनका प्रतिनिधित्व भी नहीं है।

उनका मानना है कि अगर Sixth Schedule लागू हो जाता है तो वे फिर से अपने local issues पर फैसले लेने में सक्षम हो जाएंगे।

State vs Union Territory

  • पूर्ण राज्य (Full State): अपनी विधानसभा, मुख्यमंत्री और सरकार होती है, जो कानून बनाकर लागू करती है। केंद्र का हस्तक्षेप सीमित रहता है।
  • केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory): मुख्य नियंत्रण केंद्र सरकार के पास रहता है। यहां प्रशासन President-appointed Administrator/ Lieutenant Governor चलाता है। कुछ UTs में विधानसभा होती है, लेकिन उन्हें पूरी स्वतंत्रता नहीं मिलती।

कब से चल रहा आंदोलन?

लद्दाख में यह आंदोलन पिछले डेढ़ साल से जारी है। पर्यावरण कार्यकर्ता Sonam Wangchuk इसके मुख्य चेहरा हैं।

  • मार्च 2024 में उन्होंने 21 दिन का अनशन किया था।
  • सितंबर 2024 में वे Leh to Delhi Padayatra पर निकले, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था।
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