होम Karur Stampede Case: CM विजय को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने DMK की याचिका ठुकराई; कहा- मुख्यमंत्री के काम हम तय नहीं कर सकते

समाचारराजनीति Alert Star Digital Team Jul 7, 2026 06:39 PM

Karur Stampede Case: CM विजय को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने DMK की याचिका ठुकराई; कहा- मुख्यमंत्री के काम हम तय नहीं कर सकते

तमिलनाडु के चर्चित करूर भगदड़ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री विजय को बड़ी राहत दी है। अदालत ने डीएमके की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें मुख्यमंत्री विजय को हादसे के पीड़ित परिवारों से मिलकर मुआवजा और नौकरी के नियुक्ति पत्र देने से रोकने की मांग की गई थी।

Karur Stampede Case: CM विजय को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने DMK की याचिका ठुकराई; कहा- मुख्यमंत्री के काम हम तय नहीं कर सकते

तमिलनाडु के चर्चित करूर भगदड़ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री विजय को बड़ी राहत दी है। अदालत ने डीएमके की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें मुख्यमंत्री विजय को हादसे के पीड़ित परिवारों से मिलकर मुआवजा और नौकरी के नियुक्ति पत्र देने से रोकने की मांग की गई थी। इस फैसले के बाद अब मुख्यमंत्री विजय अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार करूर जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर सकेंगे।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि अदालत किसी भी मुख्यमंत्री की गतिविधियां तय नहीं कर सकती। जजों ने डीएमके की ओर से पेश वकील से कहा कि अदालत को राजनीतिक संघर्ष का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि सत्ताधारी टीवीके के नेता इस मामले पर बयान दे रहे हैं तो डीएमके भी राजनीतिक स्तर पर उसका जवाब दे सकती है। अदालत के अनुसार ऐसी लड़ाई कोर्ट के बजाय सार्वजनिक और राजनीतिक मंच पर लड़ी जानी चाहिए।

पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख रुपये और नौकरी देने जाएंगे मुख्यमंत्री विजय

डीएमके ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि पिछले वर्ष टीवीके की रैली में हुए हादसे की जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। पार्टी ने मुख्यमंत्री विजय के करूर दौरे पर भी आपत्ति जताई थी, जहां वह हादसे में जान गंवाने वाले 41 लोगों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने वाले हैं। इसी कार्यक्रम को रोकने की मांग लेकर डीएमके सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया।

क्या है करूर भगदड़ मामला?

यह मामला पिछले साल सितंबर का है, जब तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की करूर में आयोजित रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी। इस दर्दनाक हादसे में 41 लोगों की मौत हो गई थी। शुरुआत में मामले की जांच मद्रास हाई कोर्ट ने विशेष जांच दल (SIT) को सौंपी थी, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने जांच राज्य पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दी। फिलहाल इस जांच की निगरानी अदालत द्वारा गठित एक समिति भी कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद मुख्यमंत्री विजय के करूर दौरे का रास्ता साफ हो गया है और वह पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें आर्थिक सहायता तथा नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपेंगे।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Read More Articles

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)