होम CM Yogi ने अशोक सिंघल को किया याद, बोले- भव्य राम मंदिर उनका सपना था, अयोध्या को लेकर कही बड़ी बात
प्रयागराज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता अशोक सिंघल को याद करते हुए भावुक अंदाज में श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि आज जिस भव्य अयोध्या और राम मंदिर को देश देख रहा है, वह अशोक सिंघल का सपना था।
प्रयागराज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता अशोक सिंघल को याद करते हुए भावुक अंदाज में श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि आज जिस भव्य अयोध्या और राम मंदिर को देश देख रहा है, वह अशोक सिंघल का सपना था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म, प्रभु श्रीराम और भारत की सांस्कृतिक एकता पर भी विस्तार से अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में प्रेरणा पार्क का लोकार्पण किया और विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाओं का अनावरण किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा सनातन धर्म में बसती है और प्रभु राम भारत की आत्मा के मूल स्रोत हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा, "यह जीवन राष्ट्र को समर्पित है. भारत की आत्मा सनातन धर्म में बसती है और प्रभु राम भारत की आत्मा के मूल स्रोत हैं. राम का मतलब राष्ट्र है. भारत राष्ट्र को एक उत्तर से दक्षिण तक एकता में सूत्र, एकता के सूत्र में बांधने वाला कोई नाम है वह राम का नाम है."
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन मूल्यों और राष्ट्र के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले श्रद्धेय अशोक सिंघल की भव्य प्रतिमा का भी कार्यक्रम में अनावरण किया गया। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल ने राम मंदिर आंदोलन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज की अयोध्या और वहां बना भव्य राम मंदिर अशोक सिंघल के लंबे समय से देखे गए सपने का परिणाम है।
उन्होंने कहा, "आज की अयोध्या जो देख रहे है, वो अयोध्या, भव्य मंदिर अशोक सिंघल जी का ही सपना था. 1980 से 90 में सिर्फ एक ही नारा गूंजता था, राम लला हम आएंगे मंदिर वही बनाएंगे, मंदिर के काम न आए ये जवानी बेकार है, उस समय के युवाओं ने अशोक सिंघल के नेतृत्व में देश में शंखनाद किया था."
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह दिन कई मायनों में महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत की राजनीति के एक महान व्यक्तित्व की 125वीं जयंती भी मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन देश की राष्ट्रीयता, एकता और अखंडता के लिए समर्पित रहा।
उन्होंने आगे कहा कि महान शिक्षाविद और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में उन्होंने स्वतंत्र भारत की पहली सरकार में योगदान दिया और "एक देश में दो विधान, दो निशान नहीं चलेगा" का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए प्रयागराज में प्रेरणा स्थल के निर्माण के लिए मेयर और जनप्रतिनिधियों का आभार भी जताया।
सीएम योगी ने कहा कि पहले नदियों के किनारे स्थित स्थानों का दुरुपयोग होता था, लेकिन अब वहां महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि जब अंग्रेजों ने पूरे पश्चिम बंगाल को पाकिस्तान में शामिल करने की साजिश रची थी, तब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसका मजबूती से विरोध किया और पूरे बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा बनने से बचाया। उन्होंने कहा कि आज उनकी 125वीं जयंती के साक्षी बनना सभी के लिए गौरव का विषय है।
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