होम UP Election 2027: क्या BJP के लिए नई चुनौती बनेंगे चिराग पासवान? 403 सीटों पर तैयारी का ऐलान, गठबंधन पर रखा सस्पेंस
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने राज्य में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने के संकेत दिए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठनात्मक तैयारी करेगी।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने राज्य में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने के संकेत दिए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठनात्मक तैयारी करेगी। हालांकि, चुनाव गठबंधन के तहत लड़ा जाएगा या पार्टी अकेले मैदान में उतरेगी, इस पर उन्होंने फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं बताया।
रविवार (5 जुलाई) को लखनऊ में पार्टी नेता रामविलास चौहान के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में चिराग पासवान शामिल हुए। इस कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी सक्रिय मौजूदगी के रूप में देखा जा रहा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य फिलहाल राज्य में संगठन को मजबूत करना है।
चिराग पासवान ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को केवल संभावित सीटों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हर विधानसभा क्षेत्र में अपनी तैयारी रखनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि एलजेपी (रामविलास) उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठन को मजबूत करेगी। उनका कहना था कि यदि भविष्य में गठबंधन होता है, तो जिन सीटों पर सहयोगी दल चुनाव लड़ेंगे, वहां भी पार्टी का मजबूत संगठन उनके लिए सहायक साबित होगा।
चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता संगठन विस्तार है। उन्होंने कहा कि पहले जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, संगठन की समीक्षा होगी और जनता का रुझान समझा जाएगा। इसके बाद प्रदेश इकाई के प्रस्ताव पर पार्टी का केंद्रीय संसदीय बोर्ड तय करेगा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव गठबंधन के साथ लड़ा जाएगा या नहीं।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार और झारखंड में उनकी पार्टी ने गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा था, जबकि नागालैंड में अकेले चुनाव लड़कर दो सीटों पर जीत हासिल की थी।
चिराग पासवान ने कहा कि उत्तर प्रदेश उनके पिता और पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान के दिल के बेहद करीब था। उनके अनुसार, रामविलास पासवान हमेशा जातीय और सांप्रदायिक राजनीति से ऊपर उठकर विकास की राजनीति में विश्वास रखते थे।
उन्होंने कहा कि उनके निधन के बाद पार्टी कुछ समय तक आंतरिक चुनौतियों से जूझती रही, जिससे संगठन विस्तार प्रभावित हुआ। अब नई ऊर्जा के साथ उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने का अभियान शुरू किया गया है।
बिहार के राजनीतिक दलों की उत्तर प्रदेश में बढ़ती सक्रियता पर चिराग पासवान ने कहा कि लोकतंत्र में अधिक विकल्प होना जनता के हित में है। उन्होंने कहा कि किस दल को समर्थन देना है, इसका फैसला जनता करती है और हर राजनीतिक दल को अपनी बात रखने का अधिकार है।
महाराजा सुहेलदेव पासी को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी पर चिराग पासवान ने कहा कि किसी भी महापुरुष को राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज को उनके विचारों पर चलने की जरूरत है और उनके सम्मान को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं होना चाहिए।
एनकाउंटर नीति पर उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है, लेकिन यदि किसी निर्दोष के साथ अन्याय होता है तो वह स्वीकार्य नहीं है। कानून का भय अपराधियों में होना चाहिए, वहीं निर्दोषों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर उन्होंने भरोसा जताया कि यह एनडीए की पारंपरिक सीट है और इस बार भी गठबंधन की जीत होगी।
वहीं, अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर उन्होंने कहा कि यह करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोषियों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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