होम आप इतना डर क्यों रहे हैं? I-PAC अधिकारी की याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने ED को फोन जांच से रोकने से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के अधिकारी जितेंद्र मेहता को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को रेड के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन की जांच करने से रोकने से साफ इनकार कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के अधिकारी जितेंद्र मेहता को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को रेड के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन की जांच करने से रोकने से साफ इनकार कर दिया है। जितेंद्र मेहता ने अपनी निजता (Privacy) का हवाला देते हुए ईडी की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी, जिस पर अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि अगर वे निर्दोष हैं, तो उन्हें इतना डर क्यों लग रहा है।
जितेंद्र मेहता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सी.ए. सुंदरम ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की बेंच के सामने तर्क दिया कि फोन का डेटा उनकी प्राइवेसी से जुड़ा है और यह उनका मौलिक अधिकार है। उन्होंने मांग की कि जब तक मंगलवार को मामले की सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक ईडी को फोन खोलने से रोका जाए।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया, 'आप इतना डर क्यों रहे हैं?' जब वकील ने मौलिक अधिकारों की दलील दी, तो कोर्ट ने कहा, 'हम जानते हैं कि एक निर्दोष व्यक्ति की रक्षा कैसे की जाती है.' बता दें कि ईडी ने 8 जनवरी को रेड के दौरान मेहता का फोन जब्त किया था और उन्हें शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया था।
यह पूरा मामला 8 जनवरी को I-PAC के दिल्ली और कोलकाता ऑफिस पर हुई ईडी की छापेमारी से जुड़ा है।
ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि कानूनी कार्रवाई को बाधित करना एक गंभीर अपराध है। एजेंसी ने इस मामले में निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
सुप्रीम कोर्ट ने इसे गंभीर मामला मानते हुए राज्य सरकार, मुख्यमंत्री और पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई मंगलवार को होगी।
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