होम मैं राहुल गांधी के लिए यहां हूं कहते ही कपिल सिब्बल को CJI की दो टूक, बोले- सफाई देनी होगी
SIR मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में उस वक्त चर्चा तेज हो गई, जब वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने राहुल गांधी की याचिका का जिक्र किया। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने स्पष्ट कहा कि अदालत को कोई धमका नहीं सकता।
SIR मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में उस वक्त चर्चा तेज हो गई, जब वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने राहुल गांधी की याचिका का जिक्र किया। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने स्पष्ट कहा कि अदालत को कोई धमका नहीं सकता। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की याचिका पर नोटिस जारी करने के साथ उनके आचरण को लेकर भी टिप्पणी की गई। वहीं, वकीलों ने 12 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट की ओर निकाले गए मार्च पर आपत्ति जताई।
SIR से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि इन मामलों में नोटिस जारी करके उन्हें पहले से लंबित मामलों के साथ जोड़ा जाएगा। इसी बीच वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि वह सूची में शामिल आइटम नंबर 25 में राहुल गांधी की ओर से पेश हुए हैं।
इस पर सीजेआई ने कहा कि राहुल गांधी की याचिका पर भी नोटिस जारी किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि एक याचिकाकर्ता को अपने आचरण के बारे में सफाई देनी होगी। अदालत की इस टिप्पणी के बाद सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के मार्च और उससे जुड़ी आपत्तियों का मुद्दा भी उठा।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने 12 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट की ओर निकाले गए मार्च का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कोर्ट परिसर में हुई घटना से वकील आहत हैं। उनके मुताबिक, करीब 200 वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) को पत्र लिखकर इस मामले पर अपनी चिंता जताई है।
गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि इस घटना के जरिए अदालत पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। हालांकि, यह उनका पक्ष था। मार्च को लेकर करीब 200 वकीलों की ओर से आपत्ति जताए जाने की बात भी सामने आई है।
गौरव भाटिया की दलीलों पर प्रतिक्रिया देते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, “आप आश्वस्त रहिए, हमें कोई नहीं धमका सकता.” उन्होंने आगे कहा कि लोग बाहर कुछ और बोलते हैं, लेकिन कोर्ट में आने पर उनकी भाषा बदल जाती है।
इससे पहले भी सीजेआई ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट को राजनीतिक विवादों का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए। साथ ही, विरोध प्रदर्शन के कारण अदालत के कामकाज पर असर नहीं पड़ना चाहिए। सुनवाई के दौरान अदालत की गरिमा और न्यायिक प्रक्रिया की स्वतंत्रता का मुद्दा भी चर्चा में रहा।
राहुल गांधी और विपक्षी दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया से जुड़े फैसलों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
ये आरोप हैं, जिन पर अदालत में सुनवाई होनी है। सुप्रीम कोर्ट में इन मामलों को पहले से लंबित याचिकाओं के साथ जोड़ने और संबंधित पक्षों से जवाब मांगने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। अब इस मामले में अदालत की अगली कार्रवाई और संबंधित पक्षों के जवाब पर नजर रहेगी।
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