होम क्या 5 सेकेंड में रुक सकती है US-ईरान जंग? जेफरीज की रिपोर्ट में सामने आया बड़ा फॉर्मूला
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अस्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर वैश्विक बाजार से लेकर आम लोगों की जेब तक महसूस किया जा रहा है.
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अस्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर वैश्विक बाजार से लेकर आम लोगों की जेब तक महसूस किया जा रहा है. इसी बीच ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की एक रिपोर्ट ने बड़ा दावा किया है कि कुछ खास कदम उठाए जाएं तो यह जंग चुटकियों में खत्म हो सकती है.
रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर कायम है और दोनों देश बातचीत की मेज पर लौट चुके हैं. माना जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस पूरे विवाद को ऐसे खत्म करना चाहते हैं, जिससे दुनिया के सामने अमेरिका की जीत दिखाई दे.
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप इस समझौते का फायदा अमेरिका के मिड टर्म चुनावों में उठाना चाहते हैं. हालांकि घरेलू राजनीतिक दबाव के चलते उन्हें इस संकट से बाहर निकलने का स्पष्ट रास्ता नहीं मिल पा रहा है.
ग्रीड एंड फीयर नोट में जेफरीज ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए ऐसी डील संभव है, जिसमें ट्रंप खुद को विजेता घोषित कर सकें और ईरान भी शांत बना रहे.
रिपोर्ट में कहा गया, "हाल ही में अमेरिकी बॉन्ड बाजार में हुई हलचल ने इस उम्मीद को फिर से जगा दिया है कि ट्रंप ईरान के साथ समझौता करेंगे."
जेफरीज ने दावा किया कि अगर अमेरिका ईरान की संपत्तियों को अनफ्रीज कर दे और उस पर लगाए गए सभी प्रतिबंध हटा दे तो यह समझौता "5 सेकंड" में हो सकता है.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ट्रंप की ओर से ऐसा कोई समझौता, जिसमें ईरान में सत्ता परिवर्तन शामिल न हो, वह इजरायल की रणनीति के विपरीत माना जाएगा.
जेफरीज ने न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका और इजरायल जिस सत्ता परिवर्तन की उम्मीद कर रहे थे, वह ईरान में अब तक संभव नहीं हो पाया है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार (21 मई 2026) को ईरान के साथ जारी बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेत दिए. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत से ज्यादा उम्मीदें नहीं पालनी चाहिए.
मार्को रुबियो ने कहा कि अगर कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास दूसरे विकल्प भी मौजूद हैं. उन्होंने साफ किया कि अमेरिकी प्रशासन टकराव की जगह बातचीत के जरिए समाधान को प्राथमिकता देता है.
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