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समाचारदेश Alert Star Digital Team Mar 15, 2026 07:07 PM

Iran-Israel War: LPG संकट ने छीनी गिग वर्कर्स की कमाई, आधे रह गए ऑर्डर, रोजमर्रा का खर्च चलाना हुआ मुश्किल

मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल तनाव का असर अब भारत के आम कामगारों तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। वैश्विक स्तर पर एलपीजी सप्लाई प्रभावित होने से देश में कमर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता पर असर पड़ा है, जिसका सबसे ज्यादा नुकसान गिग और डिलीवरी प्लेटफॉर्म से जुड़े कामगारों को झेलना पड़ रहा है।

Iran-Israel War: LPG संकट ने छीनी गिग वर्कर्स की कमाई, आधे रह गए ऑर्डर, रोजमर्रा का खर्च चलाना हुआ मुश्किल

मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल तनाव का असर अब भारत के आम कामगारों तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। वैश्विक स्तर पर एलपीजी सप्लाई प्रभावित होने से देश में कमर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता पर असर पड़ा है, जिसका सबसे ज्यादा नुकसान गिग और डिलीवरी प्लेटफॉर्म से जुड़े कामगारों को झेलना पड़ रहा है। गिग वर्कर्स का कहना है कि इस संकट के कारण उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और आमदनी दोनों प्रभावित हुई हैं।

गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन के मुताबिक गैस सिलेंडर की कमी के चलते कई रेस्टोरेंट, ढाबे, क्लाउड किचन और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं का काम प्रभावित हुआ है। इससे फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर की संख्या तेजी से घट गई है। जहां पहले एक डिलीवरी पार्टनर रोजाना करीब 50 ऑर्डर पूरा कर लेता था, वहीं अब यह संख्या घटकर 25 से 28 के बीच रह गई है। यूनियन ने हालात को गंभीर बताते हुए सरकार से गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा और राहत उपायों की मांग की है।

LPG क्राइसिस पर गिग वर्कर्स ने बताई अपनी परेशानी

गिग वर्कर संजय कुमारः इस एलपीजी संकट के कारण आर्डर पहले की तुलना में काफी कम आ रहे हैं. अब ऑर्डर मिलने के लिए पहले से ज्यादा इंतजार करना पड़ता है. पहले दिन में 30 से 40 ऑर्डर हो जाते थे, लेकिन अब आंकड़ा लगभग 20 से 25 तक ही सिमट कर रह गया है. दूरी के हिसाब से मिलने वाला पैसा भी कम हो गया है. एलपीजी संकट के कारण कई जगह खाना बन नहीं पा रहा है, जिससे ऑर्डर और कम हो गए हैं. बाजार में गैस सिलेंडर ब्लैक में लगभग 4,000 रुपये में बिक रहा है, जो हमारे जैसे लोगों के लिए खरीदना बहुत मुश्किल है.

गिग वर्कर अजीत सिंहः पहले सुबह से शाम तक लगभग 50 ऑर्डर डिलीवर कर लेता था, लेकिन अब करीब 35 ऑर्डर ही मिल पाते हैं. मैं दिल्ली में किराये के मकान में रहता हूं और रोजमर्रा का खर्च भी काफी बढ़ गया है. ढाबों पर खाना महंगा हो गया है और कई जगह चाय या सही खाना भी नहीं मिल पा रहा है. घर पर भी सिलेंडर मिलने में परेशानी हो रही है.

गिग वर्करः हम पहले से ही इलेक्ट्रिक चूल्हे का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन ऑर्डर कम होने से कमाई पर असर पड़ा है. जो आम आदमी मजदूरी करके अपना घर चलाता है, उस पर इस संकट का सीधा असर पड़ रहा है. हममें से कई लोग दिल्ली में अकेले रहते हैं और रोज की कमाई से ही खर्च चलाते हैं.

गिग वर्करः सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों को काफी परेशानी हो रही है. मंत्री हरदीप सिंह पुरी को आकर खुद हालात देखने चाहिए. कई जगह सिलेंडर लगभग 4,000 रुपये में बिक रहा है, जो आम लोगों के लिए खरीदना बहुत मुश्किल है.

गिग वर्कर सैयद आलमः इस एलपीजी संकट की वजह से ऑर्डर में काफी गिरावट आई है. पहले मैं हर रोज 50 से ज्यादा ऑर्डर डिलीवर कर लेता था और लगभग 1,800 रुपये तक कमा लेता था. अब 15-15 घंटे काम करने के बावजूद 1,000 रुपये तक भी कमाई नहीं हो पा रही है. पहले जिस समय में 10-12 ऑर्डर पूरे हो जाते थे, अब उसी समय में सिर्फ 3-4 ऑर्डर ही मिलते हैं. एक ऑर्डर से मिलने वाला मुनाफा भी कम हो गया है. अब घर के लिए इंडक्शन चूल्हा खरीदने के बारे में सोच रहा हूं ताकि कुछ खर्च कम किया जा सके.

कमर्शियल गैस संकट से फूड इंडस्ट्री पर दबाव

एलपीजी की कमी का असर सिर्फ डिलीवरी पार्टनर्स तक सीमित नहीं है, बल्कि फूड सर्विस सेक्टर भी दबाव में है। कई छोटे होटल और क्लाउड किचन गैस की अनुपलब्धता के कारण सीमित संचालन कर रहे हैं, जिससे पूरे सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। परिणामस्वरूप गिग वर्कर्स की आय में गिरावट और काम के अवसरों में कमी देखी जा रही है।

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