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समाचारराजनीतिप्रादेशिकीबिहारवायरल न्यूज़ Alert Star Digital Team Dec 20, 2025 09:57 PM

Bihar Hijab Case: डॉक्टर नुसरत ने नहीं ज्वाइन की नौकरी, क्या नीतीश सरकार के डर से पीछे हटीं महिला डॉक्टर?

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक सार्वजनिक कार्यक्रम में महिला डॉक्टर का हिजाब हटाने की कोशिश का मामला अब और गहराता जा रहा है।

Bihar Hijab Case: डॉक्टर नुसरत ने नहीं ज्वाइन की नौकरी, क्या नीतीश सरकार के डर से पीछे हटीं महिला डॉक्टर?

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक सार्वजनिक कार्यक्रम में महिला डॉक्टर का हिजाब हटाने की कोशिश का मामला अब और गहराता जा रहा है। इस विवाद की मुख्य केंद्र रहीं डॉक्टर नुसरत परवीन ने अपनी नियुक्ति के निर्धारित अंतिम दिन (20 दिसंबर) को भी कार्यभार नहीं संभाला। पूरे दिन पटना के सिविल सर्जन कार्यालय और सबलपुर स्वास्थ्य केंद्र में उनके आने का इंतजार होता रहा, लेकिन शाम 6 बजे तक नुसरत वहां नहीं पहुंचीं। इस बीच, बढ़ते दबाव और विवाद को देखते हुए राज्य स्वास्थ्य समिति ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ज्वाइनिंग की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया है।

सिविल सर्जन ऑफिस में दिनभर रहा सस्पेंस

शनिवार को यह कयास लगाए जा रहे थे कि नुसरत परवीन पटना सदर के सबलपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में ड्यूटी ज्वाइन कर लेंगी। पटना के सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार दोपहर 2 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक अपने कार्यालय में इस उम्मीद में बैठे रहे कि नुसरत दस्तावेजों के साथ आएंगी। अन्य नवनियुक्त आयुष डॉक्टरों ने समय पर पहुंचकर अपनी ज्वाइनिंग रिपोर्ट दे दी, लेकिन नुसरत का नाम सूची में होने के बावजूद वह नदारद रहीं। सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने मीडिया को जानकारी दी:

"आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन ने 2 बजे तक जॉइन नहीं किया है। अगर वह यहां आती तो उनका डॉक्यूमेंट लेकर लेटर इश्यु करते। हमारे स्तर से शनिवार को ज्वाइनिंग की आखिरी तारीख थी, अब आगे का फैसला स्वास्थ्य विभाग पर निर्भर करेगा।"

स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर बोले- नुसरत के अलावा सब आए

सबलपुर पीएचसी के चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय कुमार ने बताया कि जो भी डॉक्टर अस्पताल में नियुक्त होते हैं, उन्हें पहले सिविल सर्जन कार्यालय में मेडिकल जांच और लेटर के लिए जाना होता है। शनिवार को पांच अन्य आयुष चिकित्सकों ने अपनी प्रक्रिया पूरी कर अस्पताल में योगदान दे दिया, लेकिन नुसरत परवीन वहां नहीं पहुंचीं। खास बात यह है कि नुसरत ने विभाग को कोई औपचारिक सूचना भी नहीं दी है कि वह नौकरी करना चाहती हैं या नहीं।

सरकार ने बढ़ाई डेडलाइन, अब 31 दिसंबर तक का समय

हिजाब विवाद की गंभीरता और देशव्यापी आलोचना के बीच बिहार सरकार ने बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की है। राज्य स्वास्थ्य समिति ने अब ज्वाइनिंग की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2025 कर दिया है। सरकार का यह कदम नुसरत को सोचने और विवाद के ठंडा होने के लिए अतिरिक्त समय देने के रूप में देखा जा रहा है।

बता दें कि पिछले दिनों नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने मंच पर ही नुसरत का हिजाब खींचने का प्रयास किया था, जिसे लेकर इकरा हसन समेत कई विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की है। चर्चा यह भी है कि इस घटना से आहत होकर नुसरत अब बिहार छोड़कर जा चुकी हैं, हालांकि इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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