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केंद्रीय मंत्री के काफिले पर हमले में बंगाल पुलिस ने BJP के ही 22 कार्यकर्ताओं को कर लिया अरेस्ट
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशीथ प्रमाणिक के काफिले पर हुए हमले को लेकर बंगाल पुलिस ने भाजपा के ही 22 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। इसे लेकर बीजेपी नेता भड़के हुए हैं। भगवा दल का आरोप है कि जांच को सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस प्रभावित कर रही है।
वहीं, टीएमसी का दावा है कि ऐसा कोई हमला ही नहीं हुआ और यह घटना भाजपा की ओर से रची गई है। मालूम हो कि बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने काफिले पर हमला करने वालों के खिलाफ राज्य सरकार से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की थी। बोस की फटकार के कुछ घंटों बाद ही ये गिरफ्तारियां की गईं।
कूचबिहार के पुलिस सुपरिटेंडेंट सुमित कुमार से मंगलवार को संपर्क नहीं हो सका। हालांकि, जिला पुलिस के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि साहेबगंज और दिनहाटा पुलिस थानों में तीन मामलों को लेकर शिकायतें दर्ज हैं। इनमें करीब 50 लोगों को नामजद किया गया है। वहीं, बंगाल बीजेपी के चीफ प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा कि इन मामलों में संदिग्धों के रूप में नामित लोगों में कई जिला भाजपा नेता शामिल हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'बंगाल पुलिस TMC का फ्रंटल ऑर्गनाइजेशन है, जो अपना फर्ज बखूबी निभा रही है। पुलिस पर कोई भी सत्ताधारी पार्टी के दिखाए रास्ते से भटकने का आरोप नहीं लगा सकता।'
घरों में तोड़फोड़ का भी आरोप
पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिनहाटा थाने में स्थानीय लोगों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। इसमें कहा गया कि कुछ बदमाशों ने उनके घरों में तोड़फोड़ की। बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार मंगलवार को कूचबिहार पहुंचे। उन्होंने यहां प्रमाणिक से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने पार्टी के उन सदस्यों के घरों का दौरा भी किया जिनकी संपत्तियों को घटना के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर लूट लिया। दूसरी ओर, जिला टीएमसी नेताओं ने भी आरोप लगाया है कि उनके कई पार्टी कार्यालयों को भाजपा कार्यकर्ताओं ने क्षतिग्रस्त कर दिया।
राज्यपाल ने की थी ऐक्शन की मांग
राज्यपाल बोस ने प्रमाणिक पर हमले की निंदा करते हुए कहा था कि वह बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर मूक दर्शक नहीं बने रहेंगे। उन्होंने राज्य सरकार से इस संबंध में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी। राजभवन की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'राज्यपाल राज्य में कहीं भी, कभी भी कानून-व्यवस्था के बिगड़ने को लेकर मूक दर्शक नहीं बना रहेंगे। साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए मजबूती से और प्रभावी हस्तक्षेप किया जाएगा कि सड़ांध को जड़ से प्रभावी ढंग से उखाड़ा जाए और शांति व सद्भाव बहाल हो।'
पथराव के साथ गोलियां भी चलीं: प्रमाणिक
प्रमाणिक ने 25 फरवरी को आरोप लगाया था कि टीएमसी के समर्थकों ने कूचबिहार जिले के दिनहाटा में उनके काफिले पर हमला किया। प्रमाणिक ने दावा किया, 'न सिर्फ मेरे काफिले पर पथराव किया गया, बल्कि गोलियां भी चलाई गईं। बम भी फेंके गए। पूरी घटना पुलिस के सामने हुई और वह मूकदर्शक बनी रही।' मंत्री के काफिले पर उस वक्त हमला किया गया, जब वह भाजपा के कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए एक कार्यक्रम में जा रहे थे। टीएमसी समर्थकों ने उन्हें काले झंडे दिखाए, जिसके बाद दोनों दलों के समर्थकों के बीच झड़प हो गई और कई लोग घायल हो गए।
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