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समाचारदेश Alert Star Digital Team Feb 17, 2023 09:31 PM

क्यों होती है शिव के लिंग रूप की पूजा, क्या है इससे जुड़ा रहस्य

क्यों होती है शिव के लिंग रूप की पूजा, क्या है इससे जुड़ा रहस्य

क्यों होती है शिव के लिंग रूप की पूजा, क्या है इससे जुड़ा रहस्य

कल यानी 18 फरवरी को देशभर में महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाएगा। ये दिन शिव पूजा को समर्पित होता है इस दिन भक्त भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा करते है और व्रत भी रखते है।

मान्यता है कि इस दिन पूजा पाठ और व्रत आदि करने से शिव कृपा प्राप्त होती है।

कष्टों का अंत हो जाता है अधिकर भक्तों के मन में यह प्रश्न उठता है कि भगवान शिव की लिंग रूप में पूजा क्यों की जाती है और इसके पीछे का रहस्य क्या है। अगर आप भी इसका उत्तर जानना चाहते है तो आज हम महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शिव के लिंग रूप की पूजा का रहस्य और कथा आपको विस्तार से बता रहे है तो आइए जानते है।

सनातन धर्म में भगवान भोलेनाथ को आदि और अंत के देवता माना गया है। शिव का न तो कोई रूप है और न ही कोई आकार है। भोलेनाथ निराकार है। शिव का आदि और अंत न होने से लिंग को शिव का निराकार रूप माना जाता है। लेकिन इनके साकार रूप में इन्हें शंकर के तौर पर पूजा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पूरी सृष्टि में शिव ही एक मात्र ऐसे देवता है जिनकी लिंग रूप में पूजा की जाती है।

शिव शंकर के लिंग रूप को ही समस्त संसार का मूल कारण माना जाता है इसलिए शिव मूर्ति और लिंग दोनों ही रूप में इस धरती, आकार और पाताल तीनों स्थान पर पूजे जाते है। धार्मिक ग्रंथों और वेदों में भी लिंग का वर्णन मिलता है, मान्यता है कि शिवलिंग पर जल चढ़ाने से भोलेनाथ प्रसन्न होकर कृपा बरसाते है और भक्तों के सभी दुखों का अंत करते है।

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