होम बजट 2026: वाराणसी और पटना को मिला जलमार्ग वाला तोहफा, अब गंगा किनारे बनेंगे जहाज मरम्मत केंद्र, रोजगार की बहार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने 9वें बजट भाषण (Union Budget 2026) में पूर्वी भारत, खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए एक बड़ी बुनियादी ढांचे वाली सौगात दी है.
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने 9वें बजट भाषण (Union Budget 2026) में पूर्वी भारत, खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए एक बड़ी बुनियादी ढांचे वाली सौगात दी है. वित्त मंत्री ने एलान किया है कि पवित्र नगरी वाराणसी और बिहार की राजधानी पटना में अंतर्देशीय जलमार्गों (Inland Waterways) के लिए एक 'शिप रिपेयर इकोसिस्टम' (जहाज मरम्मत केंद्र) स्थापित किया जाएगा.
वाराणसी-पटना बनेंगे वाटरवे हब, रोजगार के खुलेंगे दरवाजे
सरकार के इस कदम का उद्देश्य गंगा नदी के रास्ते माल ढुलाई और परिवहन को सुगम बनाना है. वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत की सुविधाएं विकसित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे.
डंकुनी से सूरत तक नया कॉरिडोर और 20 नए जलमार्ग
इंफ्रास्ट्रक्चर को बूस्ट देने के लिए वित्त मंत्री ने कई और बड़े ऐलान किए:
MSME और खादी के लिए खुला खजाना
निर्मला सीतारमण ने छोटे उद्योगों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी कई घोषणाएं कीं:
12.2 लाख करोड़ का खर्च, 12 साल की स्थिरता
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने अपनी सरकार के 12 साल के कार्यकाल (2014-2026) का रिपोर्ट कार्ड भी पेश किया. उन्होंने कहा, "जब से हमने 12 साल पहले सत्ता संभाली है, देश की आर्थिक स्थिति स्थिरता, वित्तीय अनुशासन और कम महंगाई से पहचानी गई है." विकास की रफ्तार को बनाए रखने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत व्यय) को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है.
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