होम सावधान! मणिपुर हिंसा को लेकर 30-40 फेक वीडियो वायरल, सेना को बदनाम करने की साजिश
सावधान! मणिपुर हिंसा को लेकर 30-40 फेक वीडियो वायरल, सेना को बदनाम करने की साजिश
मणिपुर में जारी हिंसा के बीच असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल पीसी नायर ने आगाह किया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसे कई सारे वीडियो सामने आए हैं, जिन्हें मणिपुर का बताया जा रहा है।इनमें जिस तरह की हिंसा दिखाई गई है, उसका उत्तर-पूर्व से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, 'इस तरह के कई फर्जी वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। मैंने ऐसे 30-40 वीडियो देखे हैं जिन्हें मणिपुर का बताया जा रहा है। ये वीडियो या तो म्यांमार के हैं या फिर कहीं और के होंगे। कुछ वीडियो तो रोहिंग्या इलाके के हैं जिन्हें मणिपुर में हो रहे अत्याचार के तौर पर पेश किया जा रहा है।'
डीजी नायर ने कहा कि कुछ लोग अपने छिपे हुए एजेंडे को फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। यह दिखाने का प्रयास हो रहा है कि सुरक्षा बल यहां पर अत्याचार कर रहे हैं। ऐसे फर्जी वीडियोज का मकसद इलाके में तनाव पैदा करना है। उन्होंने कहा कि वीडियो से छेड़छाड़ की जा रही है और सुरक्षा बलों को स्थानीय लोगों के खिलाफ काम करने वाला बताया जा रहा है। डीजी ने कहा कि वास्तविक घटनाओं के कुछ हिस्सों के क्लिप निकाले जा रहे हैं और उन्हें गलत कहानी के साथ फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की ओर से जो ऐक्शन लिए जा रहे हैं, उन्हें अलग प्रोपेगेंडा के साथ पेश किया जा रहा है।
'ऐसे वीडियो को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत'
असम राइफल्स के महानिदेशक ने कहा कि इस तरह के वीडियो को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। जब तक आप पूरा वीडियो न देख लें तब तक किसी नतीजे पर न पहुंचें। आपको इस तरह के वीडियो को लेकर हर एक फैक्ट जानना चाहिए। वहीं, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने बीते दिनों राज्य में हिंसा को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा, 'राज्य में धीरे-धीरे शांति लौट रही है और हमें इसे बनाए रखने के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करना चाहिए। हमें हिंसा के कृत्यों की निंदा करनी चाहिए और उन्हें रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम करना चाहिए।' सिंह ने कांग्रेस के उन आरोपों का भी जवाब दिया जिनमें कहा गया कि केंद्रीय बजट में मणिपुर के लिए किसी सहायता का उल्लेख नहीं किया गया।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।