होम Home Buyers को बड़ी राहत की उम्मीद! फ्लैट नहीं मिला फिर भी EMI भरने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार को भेजा नोटिस

समाचारदेश Alert Star Digital Team Jun 16, 2026 04:09 PM

Home Buyers को बड़ी राहत की उम्मीद! फ्लैट नहीं मिला फिर भी EMI भरने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार को भेजा नोटिस

घर खरीदने का सपना लेकर लाखों रुपये का लोन लेने वाले फ्लैट खरीदारों के लिए सुप्रीम कोर्ट से राहत की उम्मीद जगी है। शीर्ष अदालत ने एक महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है।

Home Buyers को बड़ी राहत की उम्मीद! फ्लैट नहीं मिला फिर भी EMI भरने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार को भेजा नोटिस

घर खरीदने का सपना लेकर लाखों रुपये का लोन लेने वाले फ्लैट खरीदारों के लिए सुप्रीम कोर्ट से राहत की उम्मीद जगी है। शीर्ष अदालत ने एक महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। याचिका में मांग की गई है कि यदि ‘सबवेंशन योजना’ के तहत खरीदार को तय समय पर फ्लैट नहीं मिलता है, तो पूरे नुकसान का बोझ केवल खरीदार पर नहीं पड़ना चाहिए।

याचिका में केंद्र सरकार को ऐसी नई व्यवस्था बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है, जिससे अधूरी या रुकी हुई आवासीय परियोजनाओं में फंसे खरीदारों को वित्तीय राहत मिल सके।

क्या है Subvention Scheme और क्यों बढ़ रही है परेशानी?

सबवेंशन योजना के तहत बैंक या वित्तीय संस्थान खरीदार के लिए स्वीकृत लोन की राशि सीधे बिल्डर के खाते में ट्रांसफर कर देते हैं। इस व्यवस्था में त्रिपक्षीय समझौते के अनुसार फ्लैट का कब्जा मिलने तक लोन की मासिक किस्त (EMI) चुकाने की जिम्मेदारी बिल्डर की होती है।

हालांकि कई मामलों में बिल्डरों द्वारा ईएमआई का भुगतान बंद कर दिए जाने के बाद बैंक खरीदारों से ही किस्तों की मांग करने लगते हैं। इससे ऐसे लोग दोहरी मार झेल रहे हैं, जिन्हें न तो फ्लैट मिला है और न ही वे लोन के बोझ से मुक्त हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार समेत अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत देते हुए कहा कि फिलहाल उसके खिलाफ किसी प्रकार की जबरन कार्रवाई न की जाए। कोर्ट अब इस मामले में सभी पक्षों का पक्ष सुनने के बाद आगे की कार्रवाई करेगा।

फ्लैट नहीं मिला, फिर भी EMI भरने को मजबूर खरीदार

मामले की सुनवाई एक ऐसे फ्लैट खरीदार की याचिका पर हुई, जिसने अदालत को बताया कि उसने आवासीय परियोजना में फ्लैट बुक कराया था, लेकिन लंबे समय बाद भी उसे संपत्ति का कब्जा नहीं मिला। इसके बावजूद उसे बैंक की ईएमआई चुकाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि कई वित्तीय संस्थान सबवेंशन योजना के मूल नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण खरीदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

याचिका में नई Loan Relief Scheme की मांग

याचिका में मांग की गई है कि केंद्र सरकार रुकी हुई और अधूरी हाउसिंग परियोजनाओं के खरीदारों के लिए एक व्यवस्थित ऋण-राहत योजना तैयार करे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि बिल्डरों को लोन की राशि निर्माण कार्य की वास्तविक प्रगति के अनुसार ही जारी की जाए।

याचिकाकर्ता का कहना है कि इससे परियोजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और खरीदारों के हितों की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी।

बैंक और बिल्डर दोनों उठाएं नुकसान का बोझ: याचिका

याचिका में यह भी मांग रखी गई है कि यदि सबवेंशन योजना के तहत खरीदार को फ्लैट या संपत्ति उपलब्ध नहीं कराई जाती है, तो वितरित किए गए लोन का नुकसान केवल खरीदार पर न डाला जाए। इसके बजाय बैंक और बिल्डर दोनों को जारी की गई ऋण राशि के नुकसान की समान जिम्मेदारी उठानी चाहिए।

माना जा रहा है कि यदि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट कोई व्यापक दिशा-निर्देश जारी करता है, तो इससे देशभर के हजारों फंसे हुए होमबायर्स को बड़ी राहत मिल सकती है।

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