होम 3 माह में ही दोस्ती खत्म, शिंदे सरकार से क्यों रूठे राज ठाकरे; अब बढ़ाएंगे BJP की मुश्किलें

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Jul 25, 2024 08:56 PM

3 माह में ही दोस्ती खत्म, शिंदे सरकार से क्यों रूठे राज ठाकरे; अब बढ़ाएंगे BJP की मुश्किलें

3 माह में ही दोस्ती खत्म, शिंदे सरकार से क्यों रूठे राज ठाकरे; अब बढ़ाएंगे BJP की मुश्किलें

3 माह में ही दोस्ती खत्म, शिंदे सरकार से क्यों रूठे राज ठाकरे; अब बढ़ाएंगे BJP की मुश्किलें

महाराष्ट्र में जैसे-जैसे विधान सभा चुनाव नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे सियासी दोस्ती और दुश्मनी की तस्वीर साफ होती दिख रही है। लोकसभा चुनावों में बीजेपी के अगुवाई वाले NDA गठबंधन का बिना शर्त समर्थन साथ देने वाले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे अब अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।माना जा रहा है कि महायुति गठबंधन से उनकी दोस्ती अब खत्म हो चली है। कुछ दिनों पहले ही उनकी पार्टी ने बीजेपी से महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में 20 सीटें देने की मांग की थी लेकिन बीजेपी की तरफ से इस पर कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिल सका।ऐसी चर्चा है कि अब राज ठाकरे की पार्टी अब राज्य की 225 विधान सभा सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है। राज्य में कुल 288 विधानसभा सीटें हैं और अक्टूबर में चुनाव होने की संभावना है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना नेता प्रकाश महाजन ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य विधानसभा चुनाव में 200 से 225 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। महाजन ने एक समाचार चैनल को बताया कि यह निर्णय MNS प्रमुख राज ठाकरे ने लिया है और पार्टी कार्यकर्ता इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।उन्होंने कहा कि MNS जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ है और उसका मानना ​​है कि इस तरह के सभी लाभ वित्तीय मानदंडों पर आधारित होने चाहिए। MNS ने लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के सत्तारूढ़ गठबंधन का समर्थन किया था।मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया है कि राज ठाकरे महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार से नाराज हैं। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ठाकरे को शिंदे सरकार द्वारा घोषित कुछ योजनाएं पसंद नहीं आई हैं। ऐसी योजनाओं में लाडली बहना और लाडला भाई योजना शामिल हैं। बता दें कि हाल ही में पेश की गईं इन योजनाओं के तहत महिलाओं और युवाओं को नकद राशि देने का वादा किया गया है।उधर, NDA में भी अभी तक सीटों का बंटवारा नहीं हुआ है। एक दिन पहले ही उप मुख्यमंत्री और एनसीपी चीफ अजित पवार ने नई दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है और उनसे जल्द सीट बंटवारा करने की गुजारिश की है। सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार ने 80 से 90 सीटों की मांग की है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि पवार उन 54 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने के लिए अड़े हुए हैं, जहां 2019 में एनसीपी की जीत हुई थी। इन सीटों के अलावा अजित पवार पश्चिमी महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और उत्तरी महाराष्ट्र की उन 20 सीटों पर भी कैंडिडेट उतारना चाह रहे हैं, जहां कांग्रेस जीती थी।सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार मुंबई के शहरी इलाकों में भी चार से पांच सीटों पर उम्मीदवार उतारना चाह रहे हैं। ये वैसी सीटें हैं, जो अल्पसंख्यक बहुल हैं और कांग्रेस का वहां वर्चस्व रहा है। दूसरी तरफ शिंदे सेना भी 100 सीटोमं पर दावा टोक रही है, जबकि भाजपा भी 160 से 170 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की योजना पर काम कर रही है।

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