होम ‘कलेक्टर-पलेक्टर से मत डरियो...’ आजम खान के पुराने बयान पर आया फैसला, कोर्ट ने सुनाई 2 साल की सजा

समाचारराजनीतिप्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team May 16, 2026 07:23 PM

‘कलेक्टर-पलेक्टर से मत डरियो...’ आजम खान के पुराने बयान पर आया फैसला, कोर्ट ने सुनाई 2 साल की सजा

Azam Khan को 2019 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए विवादित बयान के मामले में बड़ा झटका लगा है। उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 2 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने उनके ऊपर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

‘कलेक्टर-पलेक्टर से मत डरियो...’ आजम खान के पुराने बयान पर आया फैसला, कोर्ट ने सुनाई 2 साल की सजा

Azam Khan को 2019 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए विवादित बयान के मामले में बड़ा झटका लगा है। उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 2 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने उनके ऊपर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

यह मामला चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए उस बयान से जुड़ा है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में आजम खान जिला प्रशासन और अधिकारियों को लेकर विवादित टिप्पणी करते नजर आए थे।

वायरल वीडियो में क्या बोले थे आजम खान?

चुनावी रोड शो के दौरान दिए गए भाषण में आजम खान कहते सुनाई दिए थे, “सब डटे रहो, ये कलेक्टर-पलेक्टर से मत डरीयो, ये तनखइया हैं, तनखाइयों से नहीं डरते.”

इसके अलावा उन्होंने Mayawati सरकार का जिक्र करते हुए कहा था कि “बड़े-बड़े अफसर जूते साफ करते नजर आए थे” और चुनाव के बाद अधिकारियों से जूते साफ करवाने जैसी टिप्पणी भी की थी।

चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का दर्ज हुआ था केस

इस बयान के बाद चुनाव आचार संहिता उल्लंघन और भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। भोट थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।

करीब 7 साल तक चले इस मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट ने फैसला सुनाया। फिलहाल आजम खान रामपुर जेल में बंद हैं।

अब्दुल्ला आजम भी जेल में बंद

आजम खान के बेटे Abdullah Azam Khan भी जेल में हैं। पिता-पुत्र पर दो पैन कार्ड रखने का आरोप लगा था। इस मामले में अदालत उन्हें पहले ही 7 साल की सजा सुना चुकी है।

मामले पर क्या बोले वकील?

एडवोकेट स्वदेश शर्मा ने कहा कि यह मामला 2019 का है, जिसमें आजम खान ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ बयान दिए थे। उन्होंने बताया कि उस समय चुनाव आचार संहिता लागू थी और इससे पहले भी आजम खान पर 48 घंटे और 72 घंटे के प्रचार प्रतिबंध लगाए जा चुके थे।

वकील के मुताबिक, अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 8 गवाह पेश किए गए, जिनमें सभी सरकारी कर्मचारी थे। उन्होंने प्रत्यक्षदर्शी के तौर पर अदालत में बयान दर्ज कराए।

उन्होंने बताया कि मामले में वीडियो सबूत भी पेश किया गया था और बचाव पक्ष की ओर से वीडियो की सत्यता को कभी चुनौती नहीं दी गई। इसी आधार पर अदालत ने आजम खान को दोषी मानते हुए दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई।

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