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समाचारविदेश Alert Star Digital Team May 16, 2026 07:13 PM

चीन दौरे से लौटते ही ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- ‘ईरान के पास नहीं हो सकते परमाणु हथियार’

Donald Trump ने चीन दौरे से लौटने के बाद बड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका और चीन दोनों इस बात पर सहमत हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखना बेहद जरूरी है क्योंकि यह वैश्विक तेल व्यापार का अहम मार्ग है।

चीन दौरे से लौटते ही ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- ‘ईरान के पास नहीं हो सकते परमाणु हथियार’

Donald Trump ने चीन दौरे से लौटने के बाद बड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका और चीन दोनों इस बात पर सहमत हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखना बेहद जरूरी है क्योंकि यह वैश्विक तेल व्यापार का अहम मार्ग है।

ट्रंप ने यह बयान चीन के तीन दिवसीय सरकारी दौरे के बाद दिया, जहां उनकी मुलाकात Xi Jinping से हुई। दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया, ताइवान और कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई।

“अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को कंट्रोल कर रहा है”

चीन से लौटते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका फिलहाल Strait of Hormuz पर नियंत्रण बनाए हुए है।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के कारण ईरान को पिछले ढाई हफ्तों में हर दिन करीब 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है।

ट्रंप ने कहा, “राष्ट्रपति शी ने बहुत मजबूती से कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते. उन्होंने यह भी कहा कि स्ट्रेट खुला रहना चाहिए. फिलहाल अमेरिका इस क्षेत्र को कंट्रोल कर रहा है और ईरान पिछले ढाई हफ्तों से कोई बड़ा कारोबार नहीं कर पाया है.”

शी जिनपिंग की तारीफ करते हुए क्या बोले ट्रंप?

ट्रंप ने कहा कि वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग का सम्मान करते हैं और चीन भी नहीं चाहता कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करे। उन्होंने कहा कि चीन के लिए भी होर्मुज स्ट्रेट खुला रहना बेहद जरूरी है क्योंकि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है।

उनके मुताबिक दोनों देशों के बीच ईरान और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर अच्छी समझ बनी है।

ताइवान मुद्दे पर भी हुई अहम चर्चा

ट्रंप ने बातचीत के दौरान ताइवान मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शी जिनपिंग ताइवान में किसी भी तरह का संघर्ष या स्वतंत्रता आंदोलन नहीं चाहते क्योंकि इससे बड़े स्तर का टकराव पैदा हो सकता है।

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने शी की बातों को ध्यान से सुना, लेकिन इस मुद्दे पर अपनी ओर से कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने बताया कि ताइवान को हथियारों की बिक्री को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई।

“अमेरिका किसी बड़े विदेशी युद्ध में नहीं पड़ना चाहता”

पत्रकारों ने ट्रंप से 1982 के उस अमेरिकी समझौते पर सवाल किया जिसमें कहा गया था कि अमेरिका ताइवान को हथियार बेचने के फैसले में चीन से सलाह नहीं लेगा।

इस पर ट्रंप ने कहा कि वह समझौता पुराना हो चुका है और वर्तमान हालात पूरी तरह अलग हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस समय किसी बड़े विदेशी युद्ध में नहीं उलझना चाहता।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका फिलहाल अच्छी स्थिति में है और शांति बनाए रखना बेहद जरूरी है।

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