होम Asaduddin Owaisi: ओवैसी का BJP पर हमला, बोले- विरोध करने वालों की गिरफ्तारी क्यों? एलन मस्क पर भी साधा निशाना
AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए युवा प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वाले युवाओं को गिरफ्तार करने की जरूरत नहीं थी।
AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए युवा प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वाले युवाओं को गिरफ्तार करने की जरूरत नहीं थी। ओवैसी ने विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों में बदलाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले प्रदर्शन की जगह बोट क्लब थी, फिर इसे जंतर-मंतर भेज दिया गया और अब तीन अन्य स्थानों का प्रस्ताव दिया गया है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार लोगों के विरोध करने के अधिकार के खिलाफ क्यों नजर आती है। ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट के उस रुख का भी उल्लेख किया, जिसमें विरोध करने के अधिकार को बरकरार रखा गया है, और कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मिलनी चाहिए।
ओवैसी के मुताबिक, गिरफ्तार युवाओं को पुलिस स्टेशन से ही जमानत दी जा सकती थी या कानून के तहत नोटिस जारी किया जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बजाय दो युवाओं को बिना किसी जरूरत के न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के अधिकार को लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
AIMIM प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में एलन मस्क की टिप्पणी पर केंद्र सरकार की चुप्पी की भी आलोचना की। ओवैसी ने आरोप लगाया कि BJP और सरकार "गोरी चमड़ी" से डरते हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब मस्क भारत के नेतृत्व के बारे में टिप्पणी करते हैं, तो सरकार जवाब क्यों नहीं देती।
ओवैसी ने कहा कि भारत अपने संसाधनों के इस्तेमाल का फैसला खुद करेगा और किसी विदेशी को देश पर शर्तें थोपने का अधिकार नहीं है। अमेरिका के कथित दोहरे मापदंडों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "भारत को रूसी तेल न खरीदने के लिए कहना जबकि खुद डीजल खरीदना और पूछा कि BJP का राष्ट्रवाद कहां गया?" उन्होंने प्रधानमंत्री से अपनी चर्चित "56 इंच की छाती" दिखाने और मस्क से "कुछ नहीं करना, बाय-बाय" कहने का आग्रह भी किया।
ओवैसी ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों और उनमें मुस्लिम कार्यकर्ताओं व छात्रों के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने शिफा-उर-रहमान, सफूरा जरगर, इशरत जहाँ, मिन्हाज और फैजान जैसे नामों का जिक्र करते हुए कहा कि इन लोगों ने पुलिस की बर्बरता का सामना किया। ओवैसी ने आरोप लगाया कि इन बलिदानों के बारे में पर्याप्त चर्चा नहीं होती।
AIMIM अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और बिना किसी भेदभाव के लोगों के लिए काम करती रहेगी। कुछ गठबंधनों में पार्टी की अनुपस्थिति को लेकर उठने वाली आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि AIMIM कभी किसी पर निर्भर नहीं रही है। उनके मुताबिक, पार्टी नागरिकों के अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी।
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर ओवैसी ने दावा किया कि तेलंगाना में AIMIM ने दूसरी पार्टियों की तुलना में अधिक मेहनत की। उन्होंने कहा कि पार्टी ने लोगों की मैपिंग कराने, गड़बड़ियों को ठीक करवाने और चुनाव आयोग तक अपनी बात पहुंचाने में मदद की। ओवैसी के मुताबिक, AIMIM ने 2002 की मतदाता सूची के आधार पर एक ऐप तैयार किया और महाराष्ट्र, दिल्ली तथा उत्तराखंड में भी लोगों की सहायता की।
ओवैसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया को सही ठहराया है, लेकिन उनकी पार्टी ने इसे चुनौती देने के लिए रिव्यू पिटीशन और वकील निजाम पाशा के माध्यम से एक अन्य याचिका दायर की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि AIMIM अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेगी और मामला सुप्रीम कोर्ट में आने पर आगे की जानकारी साझा करेगी।
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