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INS विक्रांत ने बढ़ाई चीन और पाकिस्तान की फिक्र
अब बात हिंदुस्तान की उस कामयाबी की, जिसने चीन और पाकिस्तान की फिक्र बढ़ा दी है. देश के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत ने समंदर में अपने कदम रख दिए हैं. बुधवार से INS विक्रांत के सी-ट्रायल की शुरुआत हो गई. INS विक्रांत को बनाने में 23 हजार करोड़ रुपये की लागत आई है.
इसमें जो भी सामान और उपकरण लगे हैं, उनमें 76 प्रतिशत से ज्यादा स्वदेशी हैं. INS विक्रांत ने समुद्र की दुनिया में हिंदुस्तान की ताकत का लोहा मनवा दिया है क्योंकि अब भारत उन चुनिंदा देशों के ग्रुप में शामिल हो गया है जिनके पास एक एयरक्राफ्ट कैरियर बनाने की क्षमता है. यह ना सिर्फ भारत का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर है, बल्कि देश में बना सबसे बड़ा और विशालकाय युद्धपोत भी है.
INS विक्रांत के भारत में बनने के मायने
फिलहाल भारत में सिर्फ एक एयरक्राफ्ट कैरियर है, जिसका नाम है INS विक्रमादित्य लेकिन, INS विक्रांत के इंडियन नेवी में शामिल होने के बाद देश में दो एयरक्राफ्ट कैरियर हो जाएंगे तो INS विक्रांत के भारत में बनने के क्या मायने हैं और भारत के लिए क्या मायने हैं. ये आपने जान लिया लेकिन, अब आप इसकी ताकत और खासियत के बारे में जानिए और समझिए कि चीन क्यों बेचैन है और पाकिस्तान क्यों परेशान है.
हिंदुस्तान का ये नया सुपर सोल्जर दुश्मनों के दिल दहलाएगा. नाम है INS विक्रांत. देश का ये पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर जैसे ही पहली बार समंदर में उतरा. चीन और पाकिस्तान के प्राण सूखने लगे क्योंकि इंडियन नेवी की ये अजेय और अभेद्य दीवार, दुश्मनों के लिए बेहद घातक साबित होने वाली है.
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