होम जम्मू कश्मीर में विशेष दर्जा हटाए जाने के बाद से स्थिति बिगड़ रही है : पीएजीडी

समाचारदेश Alert Star Digital Team Aug 5, 2021 11:05 PM

जम्मू कश्मीर में विशेष दर्जा हटाए जाने के बाद से स्थिति बिगड़ रही है : पीएजीडी

जम्मू कश्मीर में विशेष दर्जा हटाए जाने के बाद से स्थिति बिगड़ रही है : पीएजीडी

जम्मू कश्मीर में विशेष दर्जा हटाए जाने के बाद से स्थिति बिगड़ रही है : पीएजीडी

श्रीनगर : जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने की दूसरी वर्षगांठ पर बृहस्पतिवार को गुपकर घोषणापत्र गठबंधन (पीएजीडी) ने जम्मू कश्मीर में स्थिति पर चिंता जतायी और उसके लोगों के वैध अधिकारों को बहाल करने के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। गठबंधन की एक बैठक यहां गुपकर इलाके में नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के आवास पर हुई। अब्दुल्ला पीएजीडी के भी अध्यक्ष हैं।

बैठक में गठबंधन की उपाध्यक्ष और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, उसके प्रवक्ता और माकपा नेता एम वाई तारिगामी तथा आवामी नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुजफ्फर शाह शामिल हुए। बैठक के बाद अब्दुल्ला के आवास के बाहर पत्रकारों से बातचीत में तारिगामी ने कहा कि गठबंधन ने "हमारे वैध अधिकारों को बहाल करने के हमारे संघर्ष को जारी रखने का संकल्प दोहराया।" उन्होंने कहा कि बैठक में जम्मू कश्मीर में हालात पर चिंता जतायी गयी।

तारिगामी ने कहा, "सरकार के लंबे चौड़े वादों के बावजूद पांच अगस्त 2019 के बाद से स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। वे दावा करते हैं कि सामान्य स्थिति बहाल की जाएगी और हिंसा खत्म होगी लेकिन देखिए हाल में राज्य के दर्जे पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने संसद में क्या कहा। मंत्री ने कहा कि राज्य का दर्जा उचित समय आने पर तभी बहाल होगा जब हालात सामान्य होंगे।" उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि स्थिति असामान्य बनी हुई है' और क्षेत्र में शांति बहाल करने के दावे 5 अगस्त 2019 को दुर्भाग्यपूर्ण दिन पर लिए कदमों से हासिल नहीं हुए।

गठबंधन के प्रवक्ता ने पूछा कि निवेश और रोजगार के अवसर कहां है जिसके बारे में केंद्र ने दावा किया था कि जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने से ऐसा होगा। उन्होंने कहा, "आप चाहे कश्मीर चले जाए, चाहे जम्मू या लद्दाख, पूर्ववर्ती सरकारों ने जो विकास कार्य शुरू किए थे वे ही अभी तक पूरे नहीं हुए हैं।" उन्होंने कहा, "वे दावा करते हैं कि यहां काफी निवेश किया जाएगा जिससे रोजगार पैदा होगा, युवाओं के बीच उम्मीद पैदा होगी, मुझे बताइए कहां हैं वे परियोजनाएं, निवेश कहां हो रहा है? कश्मीर के बारे में भूल जाइए, जम्मू का क्या हुआ?"

तारिगामी ने कहा कि केंद्र ने कोई भी वादा पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा, "इसके बजाय ऐसे कानूनों को लागू करना व्यवस्था का हिस्सा बन गया है जो प्रेस और लोगों की आजादी का हनन करते हैं। कोविड-19 महामारी के कारण देश में बाकी जगहों पर दो लॉकडाउन लगाए गए लेकिन हमारा कश्मीर पांच अगस्त 2019 के बाद से लगातार कार्रवाई से जूझ रहा है।"

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)