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कोरोना के यूके वैरिएंट को लेकर चौंकाने वाले खुलासे
कोरोना वायरस के बी117 वैरिएंट से संक्रमित लोगों को अधिक गंभीर बीमारी का अनुभव नहीं होता और उनके मरने की आशंका अधिक नहीं रहती। यह बात पत्रिका 'लैंसेट' में प्रकाशित संक्रामक रोगों पर हुए शोध के निष्कर्ष में सामने आई है। हालांकि, एनपीआर डॉट ऑर्ग पर जारी रिपोर्ट के अनुसार, वायरस स्ट्रेन जिसे यूके वैरिएंट कहा जाता है, वायरस के मूल उपभेदों की तुलना में अधिक संक्रामक रहता है।
अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के मुताबिक, यह वैरिएंट पहली बार सितंबर 2020 में इंग्लैंड में उभरा और अब तो यह अमेरिका में सबसे आम वैरिएंट है। शोध करने वाली टीम ने 9 नवंबर से 20 दिसंबर, 2020 के बीच यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन अस्पताल और नॉर्थ मिडलसेक्स यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती मरीजों से नमूने एकत्र किए थे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इन अस्पतालों भर्ती 341 मरीजों में से 58 फीसदी बी117 वैरिएंट से और 42 फीसदी एक अलग तरह के स्ट्रेन से संक्रमित थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों समूहों के बीच लक्षणों की गंभीरता की तुलना करते हुए टीम ने पाया कि बी117 वैरिएंट से संक्रमित मरीजों में भी कथित तौर पर अधिक 'वायरल लोड' था या उनके शरीर में वायरस की मात्रा अधिक थी।
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