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छत्तीसगढ़: वो 22 जवान जो बीजापुर नक्सली हमले में मारे गए
बीजापुर में शनिवार को माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में मारे जाने वाले जवानों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है. नक्सल ऑपरेशन के डीजी अशोक जुनेजा ने बीबीसी से इसकी पुष्टि की है. वहीं एक जवान शनिवार को मुठभेड़ के बाद ही लापता है.
गृहमंत्री अमित शाह ने मुठभेड़ के बाद मौजूदा हालात की दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा की है.
नक्सल ऑपरेशन के डीजी अशोक जुनेजा के मुताबिक, "घटनास्थल पर पहुँची सुरक्षाबलों की टीम को आज (रविवार सुबह) 20 शव बरामद हुए. इसके अलावा ख़बर मिली है कि मुठभेड़ के बाद माओवादी अपने घायल साथियों को तीन ट्रैक्टर-ट्रालियों की मदद से ले गये थे. इस घटना की जाँच की जा रही है."
बीबीसी ने मौक़े पर पहुँचे अलग-अलग स्रोतों से इस संबंध में बात की. उन्होंने बताया कि एक किलोमीटर के दायरे में कई जगह जवानों के शव पड़े हुये थे, जिन्हें मौक़े पर पहुँची एसटीएफ़ की टीम ने बरामद किया.
कुछ बड़े माओवादी हमलों में से एक
पिछले कुछ सालों में छत्तीसगढ़ में यह माओवादियों का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है.
भारत के गृह मंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने माओवादियों से मुठभेड़ में जवानों की मौत पर दुख व्यक्त किया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना के बाद एक ट्वीट में लिखा, "छत्तीसगढ़ में माओवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए जवानों के परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं. वीर शहीदों की कुर्बानियों को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा. घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ."
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि हमारे जवानों की शहादत बेकार नहीं जायेगी.
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और असम विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया है कि नक्सल हमले की वजह से गृह मंत्री अमित शाह ने अपना दौरा बीच में छोड़ दिया है. वे छत्तीसगढ़ की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए रविवार शाम तक दिल्ली लौट रहे हैं.
नक्सल ऑपरेशन पर निकले थे जवान
उन्होंने प्रेस से बातचीत में कहा कि माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच क़रीब चार घंटे तक मुठभेड़ चली. इस घटना में माओवादियों को भी काफ़ी क्षति पहुँची है. जिन सात जवानों को रायपुर शिफ़्ट किया गया था, वो अब ख़तरे से बाहर हैं. एक जवान अभी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को सुकमा और बीजापुर के अलग-अलग इलाक़ों से सीआरपीएफ़, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड, स्पेशल टॉस्क फ़ोर्स और कोबरा बटालियन के 2059 जवान नक्सल ऑपरेशन के लिए निकले थे.
इनमें नरसापुर कैंप से 420 जवान, मिनपा कैंप से 483 जवान, उसुर कैंप से 200 जवान, पामेड़ कैंप से 195 जवान और तर्रेम कैंप से 760 जवान शामिल थे.
घायल जवान रायपुर के अस्पताल में
शनिवार को ऑपरेशन के बाद वापसी के दौरान तर्रेम थाना के सिगलेर से लगे जोन्नागुंड़ा के जंगल में माओवादियों ने सुरक्षाबलों पर हमला बोल दिया था.
मुठभेड़ में घायल हुए 37 जवानों को बीजापुर और रायपुर के अस्पतालों में भर्ती किया गया है.
बताया गया है कि आज शाम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल असम से छत्तीसगढ़ के लिए रवाना होंगे.
इस बीच, राज्य के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने शनिवार की रात रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती किये गये जवानों से मुलाक़ात की थी.
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