होम निजी नर्सिंग होम का लाइसेंस निरस्त करने और आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग
निजी नर्सिंग होम का लाइसेंस निरस्त करने और आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग
सरगुजा के अम्बिकापुर नगर के निजी नर्सिंग होम में 3 दिनों पहले प्रसूता की मौत के मामले में परिजनों ने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव को ज्ञापन सौंपकर उक्त निजी नर्सिंग होम का लाइसेंस निरस्त करने और मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।
गौरतलब है कि नगर के सदर रोड निवासी उदय शंकर विश्वकर्मा की 30 वर्षीय पत्नी श्रीमती अंजनी विश्वकर्मा को 2 दिसंबर की सुबह लगभग 7 बजे रूटीन चेकअप के लिए परिजन निजी नर्सिंग होम संकल्प अस्पताल लेकर गए थे। जहां चिकित्सकों ने तत्काल ऑपरेशन करने को कहा।
प्रसूता के पति उदय शंकर का आरोप है कि ऑपरेशन से पहले कई टेस्ट करने होते हैं परंतु ऐसा कुछ भी नहीं किया गया। सुबह 9 बजे सिजेरियन डिलीवरी से प्रसव कराया गया था। महिला ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। ऑपरेशन थिएटर से निकालने के बाद उसे नॉर्मल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। दोपहर 2 बजे के लगभग प्रसूता की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
परिजनों का आरोप है कि प्रसूता की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए उनके द्वारा कई बार निजी नर्सिंग होम के चिकित्सकों को बुलाने कहा गया, परंतु चिकित्सक नहीं आए। बाद में जब ज्यादा तबीयत खराब हो गई तब आनन-फानन में उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया। जहां उसकी मौत हो गई।
स्वास्थ्य मंत्री को दिए ज्ञापन में नमनाकला निवासी परिजन दिलवंती देवी पति रामसेवक विश्वकर्मा ने कहा है कि उसकी पुत्री अंजनी विश्वकर्मा 8 माह की गर्भवती थी। निजी नर्सिंग होम संकल्प हॉस्पिटल में डॉक्टर लता गोयल से अपनी देखरेख करा रहे थे और उन्हीं के द्वारा दी गई दवाई सेवन कर रही थी। घटना दिवस के दिन स्टाफ नर्सों के माध्यम से अंजनी विश्वकर्मा को एक इंजेक्शन लगाया गया था, जिससे उसकी हालत खराब होने लगी थी।
आनन-फानन में उसे ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया था। जिसकी जानकारी उसके पति को भी नहीं दी गई। बाद में उसकी उचित देखभाल भी नहीं की गई। प्रसूता की मृत्यु उपरांत स्टाफ नर्सों के माध्यम से चिकित्सक ने अंजलि के प्रति उदय शंकर विश्वकर्मा से विभिन्न कागजातों पर हस्ताक्षर कराया गया।
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