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किसानों ने दो टूक कहा, केंद्र सरकार से अब बिना शर्त होगी बातचीत
चंडीगढ़। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली सीमा में डटे किसान आगे बढ़ने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दिल्ली में बुराड़ी आने के प्रस्ताव को ठुकराते हुए किसानों ने दिल्ली के सभी मुख्य रास्तों को बंद करने का ऐलान किया है। गृह मंत्री के प्रस्ताव को ठुकराते हुए किसानों ने दो टूक कहा कि सरकार से अब बिना शर्त बातचीत होगी। किसान किसी भी कीमत पर बुराड़ी नहीं जाएंगे। यही नहीं हरियाणा की खाप पंचायतें भी किसानों के समर्थन में उतर आई हैं। इसके साथ ही पंजाब तथा हरियाणा के मुख्यमंत्री के बीच फोन कॉल का विवाद थमने की बजाय बढ़ता जा रहा है। पंजाब सीएम की ओर से हरियाणा सीएम को झूठा बताने पर मनोहर लाल ने कड़ा जवाब दिया कि ऐसा भाषा अशोभनीय है।
दिल्ली कूच को लेकर किसानों की सिंघु व टीकरी बार्डर पर मोर्चेबंदी रविवार को तीसरे दिन भी जारी रही। हरियाणा, पंजाब व राजस्थान से आये हजारों की संख्या में किसान सिंघु व टीकरी बार्डर पर बैठे रहे। केंद्रीय गृह मंत्री के प्रस्ताव को लेकर किसान संगठनों ने दो बार मंथन किया। दोनों बार लंबे दौर की बैठक में फैसला लिया गया कि किसान दिल्ली नहीं जाएंगे और यहीं बैठकर अपनी लड़ाई लड़ेंगे। सिंघु व टीकरी बार्डर पर किसानों के धरने से दिल्ली में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 तथा टीकरी बार्डर बहादुरगढ़ की ओर से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद है। यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थिति ज्यादा बदतर है, यहां 10 से 15 किलोमीटर लंबा जाम है, जिसमें हजारों की संख्या में ट्रक फंसें हुए हैं, जिनमें दूध, फल व सब्जियां हैं।
भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी के अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल ने कहा कि किसान अब दिल्ली नहीं जाएंगे। दिल्ली जाने वाले सभी रास्तों को बंद किया जाएगा। सरकार से अब बिना शर्त बातचीत होगी और वह भी धरना स्थल पर ही होगी। किसान नेता बलबीर सिंह ने कहा कि किसानों को एमएसपी की गारंटी के साथ फसल बिक्री पर भी एमएसपी चाहिए। वे अपनी मांगों को मंगवाने के लिए दिल्ली सीमा पर ही डटे रहेंगे, चाहे उन्हें कितना ही समय क्यों न लगे।
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