होम वालंटियर ने किया कोरोना वैक्सीन से बीमार होने का दावा, सीरम इंस्टिट्यूट बोला- झूठा है आरोप
वालंटियर ने किया कोरोना वैक्सीन से बीमार होने का दावा, सीरम इंस्टिट्यूट बोला- झूठा है आरोप
सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने रविवार को एक कोविड-19 वैक्सीन कैंडिडेट की ओर से लगाए आरोपों को खारिज किया. साथ ही कैंडिडेट को ‘दुर्भावनापूर्ण’ आरोप लगाने के लिए भारी नुकसान भरने की धमकी भी दी. दरअसल, एक 40 साल के शख्स ने चेन्नई में ‘कोविडशिल्ड’ (Covidshield) वैक्सीन ट्रायल में हिस्सा लिया था. इस शख्स ने ट्रायल का उस पर गंभीर विपरीत असर पड़ने का दावा किया है. जिसमें एक आभासी न्यूरोलॉजिकल के टूटने और संज्ञानात्मक कार्यों को हानि पहुंचने की बात कही गई है.
शख्स ने इसे लेकर सीरम इंस्टिट्यूट और अन्य को एक कानूनी नोटिस भेजा है. नोटिस में 5 करोड़ के मुआवजे की मांग की गई है और ट्रायल पर रोक लगाने के लिए कहा गया है.
सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने आरोपों पर क्या कहा?
सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने इसे लेकर बयान जारी करके कहा है कि ‘नोटिस के आरोप दुर्भावनापूर्ण और गलत हैं. सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया कैंडिडेट की मेडिकल कंडीशन के प्रति सहानुभूति रखता है. हालांकि, वालंटियर की मेडिकल कंडीशन का वैक्सीन ट्रायल से कोई लेना-देना नहीं है.’
‘कोविड वैक्सीन ट्रायल को झूठमूठ में दोषी ठहरा रहा’
बयान में कहा गया है कि वालंटियर अपनी मेडिकल समस्याओं के लिए कोविड वैक्सीन ट्रायल को झूठमूठ में दोषी ठहरा रहा है. सीरम इंस्टिट्यूट के मुताबिक, “यह देखा जा सकता है कि इस तरह की दुर्भावनापूर्ण जानकारी के प्रसार के पीछे का उद्देश्य एक अजीबोगरीब मकसद है. सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, इसके लिए 100 करोड़ से अधिक की क्षतिपूर्ति मांगेगा और इस तरह के दुर्भावनापूर्ण दावों का बचाव करेगा.”
कोरोना वैक्सीन का ट्रायल जारी
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