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उत्तराखंडः तिब्बती स्कूल में मारपीट के बाद नेपाल के सात बच्चे भागे
राजधानी के नजदीकी भगवंतपुर गांव में स्थित तिब्बती साक्य बौद्ध मठ की ओर से संचालित स्कूल 'साक्य एकेडमी' में घर भेजे जाने की मांग कर रहे कुछ नेपाली बच्चों को स्कूल स्टाफ ने पीट दिया। इससे भयभीत सात बच्चे वहां से भाग गए, जिनकी लापता होने की सूचना स्कूल प्रबंधन ने छिपाए रखी। नेपाल से स्थानीय गोरखा समाज को सूचना मिलने के बाद यह पूरा मामला खुला, तो देहरादून से लेकर दिल्ली और नेपाल तक हड़कंप मच गया।
भारत स्थित नेपाल दूतावास और नेपाली विदेश मंत्रालय सक्रिय हुआ, तो सुबह से ही स्कूल में स्थानीय खुफिया एजेंसियों से लेकर पुलिस और मीडिया तक की आवाजाही शुरू हो गई। दोपहर तक एकेडमी प्रबंधन ऐसी कोई घटना न होने की बात कहते हुए सभी को गुमराह करता रहा। यहां तक कि कुछ बच्चों को भी आगे करके किसी तरह की मारपीट न होने जैसे बयान दिलवा कर मामला मैनेज कर लिया गया।
पूरे घटनाक्रम में परत-दर-परत बड़े खुलासे तब हुए, जब दोपहर पहले स्थानीय गोर्खाली समुदाय के प्रतिनिधमंडल के साथ 'पंजाब केसरी/नवोदय टाइम्स' की टीम और उसके कुछ देर बाद बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी के साथ आयोग की टीम मौके पर पहुंची। गोर्खाली समाज के लोगों ने स्कूल में प्रदर्शन भी किया। आयोग की टीम के पहुंचने से पहले हुई पूछताछ में एकेडमी प्रबंधन ने सोमवार को तीन-चार बच्चों के रातभर स्कूल से बाहर भागे होने और अगले दिन लौट आने के पर उनसे हल्की-फुल्की पिटाई की बात स्वीकारी।
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