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समाचारदेश Alert Star Digital Team Sep 23, 2020 08:55 PM

मुख्यमंत्री से मिला भारतीय किसान यूनियन का प्रतिनिधिमण्डल

मुख्यमंत्री से मिला भारतीय किसान यूनियन का प्रतिनिधिमण्डल

मुख्यमंत्री से मिला भारतीय किसान यूनियन का प्रतिनिधिमण्डल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार के लिए किसानों का हित सर्वोपरि है। वर्तमान केन्द्र व राज्य सरकार कृषि व किसान कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। संसद द्वारा हाल ही में पारित कृषि सम्बन्धी विधेयकों को देश में कृषि सुधार के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि यह विधेयक किसानों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित करेंगे। इनके सम्बन्ध में कतिपय राजनीतिक तत्वों द्वारा किया जा रहा दुष्प्रचार बेबुनियाद है।
मुख्यमंत्री ने यह विचार बुद्धवार को अपने सरकारी आवास पर भारतीय किसान यूनियन के एक प्रतिनिधिमण्डल के साथ भेंट के दौरान व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि अब किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर विकल्प मिलेंगे। वह चाहें तो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपनी उपज बेचें या मण्डी में या उससे बाहर। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को हर सम्भव सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मूल्य समर्थन योजना (एमएसपी) के अन्तर्गत खरीद जारी रहेगी। इसमें किसी को भी किसी भी प्रकार का कोई संशय नहीं होना चाहिए। प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में एमएसपी के तहत धान की खरीद 01 अक्टूबर, 2020 से प्रारम्भ हो जाएगी। इसके लिए 3,000 क्रय केन्द्र स्थापित किये जाएंगे। धान खरीद की सभी तैयारियां समय से सुनिश्चित करने तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त क्रय केन्द्रों की स्थापना की कार्यवाही के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानों की आय को दोगुनी करने के लिए कृतसंकल्पित हैं। प्रदेश सरकार उनके संकल्प को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से प्रयास कर रही है। एमएसपी को लेकर सवाल उठाने वाले लोगों को यह याद रखना चाहिए कि प्रधानमंत्री ने ही फसलों के समर्थन मूल्य में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी करते हुए किसानों को पारदर्शी प्रक्रिया से उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाया। एमएसपी के आधार पर सरकार द्वारा फसलों की खरीद आगे भी जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गन्ना किसानों के हितों के प्रति संवेदनशील है। सरकार का मानना है कि हर किसान को उसकी मेहनत का प्रतिफल प्राप्त होना चाहिए। वर्तमान राज्य सरकार ने किसानों के रिकॉर्ड गन्ना मूल्य का भुगतान सुनिश्चित कराया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आगामी 15 अक्टूबर से गन्ने का पेराई सत्र शुरू हो जाएगा। प्रदेश के मध्य क्षेत्र और शेष हिस्सों में पेराई की शुरुआत 25 अक्टूबर, 2020 से होगी। समय से पेराई सत्र के प्रारम्भ होने से किसान गेहूं की समय से बोआई करते हुए फसल की भरपूर उपज ले सकेंगे।

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