होम डोनाल्ड ट्रंप नहीं जीते तो अमेरिका का बेड़ा गर्क, बताया- धार्मिक स्वतंत्रता का रक्षक
डोनाल्ड ट्रंप नहीं जीते तो अमेरिका का बेड़ा गर्क, बताया- धार्मिक स्वतंत्रता का रक्षक
सोमवार से शुरू हुए रिपब्लिकन पार्टी के सम्मेलन में वक्ताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धार्मिक स्वतंत्रता का रक्षक करार दिया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति नहीं बने, तो अमेरिका का बेड़ा गर्क हो जाएगा। इस दौरान रिपब्लिकन नेताओं ने डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन की भी जमकर आलोचना की। उन्होंने बिडेन के चुनाव की तुलना एक डरावनी फिल्म से कर डाली।
वैसे तो ट्रंप औपचारिक रूप से सम्मेलन को बाद में संबोधित करेंगे, लेकिन चार दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन ऐसे कई मौके आए जब वह सार्वजनिक रूप से दिखाई पड़े। नार्थ कैरोलिना में एकत्र रिपब्लिकन डेलीगेट को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह (बिडेन) धांधली के जरिये ही यह चुनाव जीत सकते हैं। उनका इशारा महामारी के चलते डाक के जरिये मतदान की तरफ था।
बता दें कि विशेषज्ञों द्वारा सुरक्षित बताए जाने के बावजूद राष्ट्रपति ट्रंप इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। जीओपी (ग्रांड ओल्ड पार्टी) कंवेंशन ट्रंप के लिए महत्वपूर्ण है और वह इसके माध्यम से अपने चुनाव अभियान को फिर से खड़ा करने की कोशिश करेंगे। क्योंकि फिलहाल जो सर्वे सामने आ रहे हैं, उसके मुताबिक, वह चुनाव हार रहे हैं। तीन नवंबर को होने वाले मतदान में 10 सप्ताह का समय बचा है और देश गहरी निराशा में डूबा है। एक सर्वे में केवल 23 फीसद जनता यह मानती है कि देश सही दिशा में जा रहा है।
पोंपियो के भाषण को लेकर आलोचकों में नाराजगी
विदेश मंत्री माइक पोंपियो पिछले महीने सभी अमेरिकी कूटनीतिक मिशनों को तार भेजकर अमेरिकी राजनयिकों को आगाह किया था कि संघीय कानून के तहत उन्हें राष्ट्रपति चुनाव अभियान में किसी का भी प्रत्यक्ष रूप से पक्ष नहीं लेना चाहिए। हालांकि मंगलवार को वह अपनी इसी चेतावनी को नजरअंदाज करते नजर आ सकते हैं जब वह रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में अपने भाषण में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दोबारा चुने जाने का समर्थन करते दिखेंगे। विदेश मंत्रालय के कर्मचारियों को हैच कानून के तहत राजनीतिक गतिविधियों पर लगे प्रतिबंधों की याद दिलाने संबंधी पोंपियो का संदेश असामान्य नहीं है। इसी तरह हर बार के चुनावी वर्ष में विदेश मंत्री ऐसे ही तार भेजते हैं। हालांकि, उनके किसी पूर्ववर्ती ने इन निर्देशों का उल्लंघन नहीं किया है। विदेश मंत्रालय की तरफ से आश्वसान देने कि पोंपियो सम्मेलन में अपने निजी ओहदे से बोलेंगे और हैच कानून का उल्लंघन नहीं करेंगे, इसके बावजूद डेमोक्रेट और अन्य आलोचकों ने इसे लेकर कड़ा विरोध जताया।
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