होम Unlock 2 के 16वें दिन सरकार ने कहा- महामारी के खिलाफ लड़ाई जीतने की दिशा में आगे बढ़े
Unlock 2 के 16वें दिन सरकार ने कहा- महामारी के खिलाफ लड़ाई जीतने की दिशा में आगे बढ़े
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश में कोरोना वायरस के दो प्रतिशत से भी कम मरीज आईसीयू में भर्ती हैं जबकि उपचाराधीन मरीजों के मुकाबले इस महामारी से ठीक हो चुके लोगों की संख्या 2,81,668 अधिक है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस के कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 9.68 लाख के पार पहुंच गई जबकि इस बीमारी से जान गंवाने वालों का आंकड़ा बढ़कर 24,915 हो गया। वर्धन ने एम्स में राजकुमारी अमृत कौर ओपीडी के नए ब्लॉक के उद्घाटन के अवसर पर यह टिप्पणी की। इस मौके पर स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे भी मौजूद थे। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि कोरोना वायरस के खिलाफ देश के सामूहिक प्रयास का जिक्र करते हुए वर्धन ने कहा, “धीरे-धीरे हम महामारी के खिलाफ लड़ाई जीतने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कोविड-19 से पीड़ित रोगियों में से दो प्रतिशत से भी कम आईसीयू में भर्ती हैं।” बयान में कहा गया कि प्रयोगशालाओं के नेटवर्क में भी खासी बढ़ोतरी हुई है। जनवरी में जहां एक प्रयोगशाला जांच के काम में लगी थी वहीं अब यह संख्या बढ़कर 1234 हो गई है। राजकुमारी अमृतकौर ओपीडी 6300 वर्गमीटर क्षेत्र में बनी देश की सबसे बड़ी ओपीडी है। नए ब्लॉक में एक स्मार्ट प्रयोगशाला भी है जिसे तैयार करने में 15 करोड़ रुपये की लागत आई है।हाल के कुछ अध्ययनों में कहा गया है कि कोविड-19 से स्वस्थ हो चुके लोगों में कुछ ही महीने के लिए एंटीबॉडी विकसित होते हैं जिससे संकेत मिलता है कि लंबे समय तक प्रतिरोधक क्षमता पैदा होना मुश्किल है, लेकिन कई वैज्ञानिकों ने इस बारे में संशय को दूर करने का प्रयास करते हुए कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी कि ऐसे लोगों को फिर से संक्रमण हो सकता है। इस तरह के सवालों के बीच वैज्ञानिकों ने कहा कि प्रतिरक्षा प्रणाली की कुछ विशेष कोशिकाएं महामारी से संरक्षण प्रदान कर सकती हैं। पुणे स्थित भारतीय विज्ञान, शिक्षा और अनुसंधान संस्थान की प्रतिरक्षा विज्ञानी विनीता बल ने कहा कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि जिन लोगों में नोवेल कोरोना वायरस से उबरने के बाद उसे रोकने वाले एंटीबॉडी (एनएबीएस) का स्तर कम होता है, उनमें वायरस का संक्रमण पुन: पनपने का जोखिम होता है। उन्होंने एक वीडियो साक्षात्कार में कहा, ‘‘महामारी केवल छह-सात महीने पुरानी है और दोबारा वायरस से संक्रमित होने की खबरें अधिकतर उन लोगों की हैं जो पहली बार जनवरी में संक्रमित हुए थे।’’ विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत विज्ञान में महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री के कार्यबल की सदस्य बल ने कहा कि लोगों के पुन: संक्रमित होने की खबरों का यह मतलब नहीं है कि जिनमें एनएबीएस कम हो रहे हैं, उनमें फिर से बीमारी का खतरा है। उन्होंने कहा कि इस बारे में पर्याप्त आंकड़े मिलने में एक साल लग सकता है। अध्ययनों के प्रभाव पर टिप्पणी करते हुए नयी दिल्ली स्थित राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान के प्रतिरक्षा विज्ञानी सत्यजीत रथ ने एक ईमेल साक्षात्कार में कहा, ‘‘इस बात के भी प्रमाण हैं कि संक्रमित लोगों में वायरस केंद्रित टी कोशिकाएं सक्रिय होती हैं और उनका विस्तार होता है और वे विश्वसनीय तरीके से पुन: संक्रमण से तेजी से उबार सकती हैं।''
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।