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आर्यकुल कॉलेज ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च में आयोजित हुई अन्तरराष्ट्रीय ई संगोष्ठी
बिजनौर स्थित आर्यकुल कॉलेज ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च ने अपना पहला अन्तराष्ट्रीय ई संगोष्ठी का आयोजन किया। इस अन्तरराष्ट्रीय ई संगोष्ठी का विषय “कोविद-19 बचाव हेतु उपचार एवं एंटीवायरल वैक्सीन” था इस अन्तरराष्ट्रीय ई संगोष्ठी के स्पीकर किंगडम ऑफ साउदी अरेबिया के कॉलेज ऑफ मेडिसिन रियाद के डिपार्टमेंट ऑफ फार्माकोलॉजी के असिस्टेंट प्रो. डॉ. ताल्हा जावेद रहे ।
अन्तरराष्ट्रीय ई संगोष्ठी की शुरुआत डॉ. जावेद ने सभी का धन्यवाद करके की और बताया कि आज के समय में कोविद -19 वायरस पूरे विश्व में फैला है और अभी तक कहीं भी इस वायरस की कोई भी वैक्सीन नहीं बनी है इसलिए हमें पूरा एतिहात बरतना होगा, साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि हमें व्यक्तिगत दूरी बनाने की जरुरत है बजाए सामाजिक दूरी के ।
डॉ. जावेद ने बताया कि 31 दिसम्बर को चाईना से इस वायरस कि शुरुआत हुई थी और 11 फरवरी को डब्लू एच ओ ने इसे अधिकारिक तौर पर कोविद-19 नाम दिया। डॉ. जावेद ने कहा कि कोई भी दवा बनने में 4 से 5 साल का वक्त लगता है इसका मतलब यह है अभी देर नही हुई है हम लोग इस घटक वायरस की वैक्सीन बना लेंगे।
कॉलेज के प्रबन्ध निदेशक सशक्त सिंह ने कहा कि आज के परिवेश में यह ई- संगोष्ठी बहुत ही महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि इसमें भविष्य के कोरोना वोर्रोरिएस जो कि हमारे फार्मेसी के विद्यार्थियों में कोरोना के प्रति व्यापक भय तथा नकारात्मक प्रावृति से लड़ने एव उसके उचित निराकरण सम्बंधित विषयों की समझ सरल शब्दों में प्राप्त हुई।
इस अन्तरराष्ट्रीय ई संगोष्ठी की संयोजक फार्मेसी विभाग की एसोसिएट प्रो. स्वाति सिंह थी वहीं इसकी समन्यवयक संचालिका मिश्रा थी. इस ई दृ संगोष्ठी की संचालक कॉलेज की मानव संसाधन हेड नेहा थी.
अन्तरराष्ट्रीय ई संगोष्ठी का आयोजन डिपार्टमेंट ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च ने किया इसमें फार्मेसी विभाग के प्रो. डॉ. एन. के अग्रवाल, डॉ. अंकित सेठ , स्वाति सिंह , संचालिका मिश्रा, डॉ. बाबुल कुमारी, डॉ स्नेहा सिंह, प्रियंका केसरवानी, रश्मि सागर, वर्तनी श्रीवास्तव , रौनी विश्वास और समीक्षा गौतम संग सभी छात्र व् छात्राएं मौजूद थी।
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