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SBI ने लगातार 13वीं बार घटाया MCLR, 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती
देश के सबसे बड़े बैंक यानी भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने लगातार 13वीं बार MCLR में कटौती किया है. SBI ने सोमवार को इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि नई दरें 10 जून 2020 से लागू हो जाएंगी. SBI ने मॉजिर्नल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में 25 आधार अंक यानी 0.25 फीसदी की कटौती की है. इसके बाद एक साल का MCLR घटकर 7 फीसदी हो गया है. इसके साथ ही SBI ने बेस रेट में भी 75 आधार अंकों की कटौती किया है.
क्या होता है MCLR?
बैंकों के लिए लेंडिंग इंटरेस्ट रेट तय करने के फॉर्मूले का नाम मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड लेंडिंग रेट है. RBI द्वारा बैंकों के लिए तय फॉर्मूला फंड की मार्जिनल कॉस्ट पर आधारित है. इस फॉर्मूले का उद्देश्य कस्टमर को कम इंटरेस्ट रेट का फायदा देना और बैकों के लिए इंटरेस्ट रेट तय करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है.
अप्रैल, 2016 से ही बैंक नए फॉर्मूले के तहत मार्जिनल कॉस्ट से लेंडिंग रेट तय कर रहे हैं. साथ ही बैंकों को हर महीने एमसीएलआर की जानकारी देनी होती है. आरबीआई द्वारा जारी इस नियम से बैंकों को ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलने और इकोनॉमिक ग्रोथ में भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद थी.
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