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इजरायल के बाद दक्षिण कोरिया ने लिया बड़ा रिस्क, स्कूल खोलते ही तेजी से आए नए केस
दक्षिण कोरिया, उन चुनिंदा देशों में से एक है, जो कोरोना वायरस (Coronavirus) से सही ढंग से निपटा है. कोरिया (Korea) ने सही समय पर मास्क से लेकर सैनिटाजेशन की व्यवस्था की और यही कारण है कि बिना किसी बड़े लॉकडाउन के वह अपने यहां नए केस से लेकर डेथ रेट को भी नियंत्रित कर सका. अपनी इन्हीं कामयाबियों के चलते उसने सोमवार से स्कूल भी खोल दिए. लेकिन दक्षिण कोरिया (South Korea) के इस निर्णय को बहुत सही नहीं माना जा रहा है.
दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस के अब तक 11,800 से अधिक केस सामने आ चुके हैं. इनमें से 10,563 लोग स्वस्थ हो चुके हैं. करीब 273 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि, करीब 950 एक्टिव केस हैं. यहां यह बताना सही रहेगा कि कोरिया 3 अप्रैल को 10 हजार केस का आंकड़ा पार कर गया था. उसके बाद से देश में कोरोना का संक्रमण कम हो रहा है. देश में 31 मई तक 270 मौतें हो चुकी थीं. जून में तीन मौतें हुई हैं.
मई-जून में कोरोना का असर कम होने के बाद ही दक्षिण कोरिया ने सोमवार (8 जून) से स्कूल खोल दिए. इसी दिन देश में कोरोना के 38 नए केस सामने आए. इसके बाद कहा जा रहा है कि कोरिया शायद स्कूल खोलने में जल्दबाजी कर रहा है. इसके पीछे इजरायल (Israel) का उदाहरण दिया जा रहा है. इजरायल ने भी कोरोना पर शुरुआती नियंत्रण के बाद स्कूल खोल दिए थे और उसके बाद 250 बच्चे इस वायरस की चपेट में आ गए थे. इसके बाद इजरायल को स्कूल फिर से बंद करने पड़े. हालांकि कोरियाई सरकार ने अधिकारियों से साफ कहा है कि स्कूलों में कोरोना से बचाव के उपायों को दोगुनी ताकत से अपनाया जाए.
जैसा कि आप जानते हैं कि कोरिया में जब कोरोना बड़े स्तर पर फैल रहा था तब भी लॉकडाउन जैसा कड़ा निर्णय नहीं लिया गया था. इसकी बजाय वहां मास्क और सैनिटाइजर की अनिवार्यता पर जोर दिया गया था. अब भी सरकार यह प्रयास कर रही है कि लोग ऑनलाइन शॉपिंग करें और सामान उनके घरों तक पहुंच जाए. इससे लोग सड़कों पर कम निकलेंगे और भीड़ जमा नहीं होगी.
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