होम कालापानी, लिपुलेख को नेपाल द्वारा अपने नक्शे में दिखाए जाने के बावजूद सरकारें सोई पड़ी: कांग्रेस

समाचारराजनीति Alert Star Digital Team May 24, 2020 07:23 PM

कालापानी, लिपुलेख को नेपाल द्वारा अपने नक्शे में दिखाए जाने के बावजूद सरकारें सोई पड़ी: कांग्रेस

कालापानी, लिपुलेख को नेपाल द्वारा अपने नक्शे में दिखाए जाने के बावजूद सरकारें सोई पड़ी: कांग्रेस

कालापानी, लिपुलेख को नेपाल द्वारा अपने नक्शे में दिखाए जाने के बावजूद सरकारें सोई पड़ी: कांग्रेस

वरिष्ठ कांग्रेस नेता किशोर उपाध्याय ने कालापानी और लिपुलेख को हाल में नेपाल द्वारा अपने नक्शे में दिखाए जाने पर केंद्र सरकार और उत्तराखंड सरकार की कड़ी आलोचना की और कहा कि इस मुद्दे पर वे सोई हुई हैं। यहां जारी एक बयान में प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष उपाध्याय ने कहा कि पिथौरागढ़ में स्थित कालापानी-लिपुलेख का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय सीमा का मुद्दा जरूर है लेकिन वह भूभाग तो हमारे प्रदेश का है और राज्य सरकार इस संबंध में केंद्र से बात करने की बजाय सोई हुई है।उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उनसे घटना का संज्ञान लेने को कहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र में बताया है कि नेपाल ने भारत के अभिन्न हिस्से काला पानी और लिपुलेख को नक़्शे में अपना क्षेत्र दिखाकर यहाँ के निवासियों की भावना को आहत किया है और उनमें इस बात को लेकर रोष है।इस संबंध में कांग्रेस नेता ने नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘‘भारत का कोरोना, चीन के कारोना से ज़्यादा ख़तरनाक है।’’ उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि वह नेपाल और तिब्बत से लगती सीमाओं पर बन रही चिंतनीय स्थिति का संज्ञान लेकर भ्रम को समाप्त करने के लिए भारत सरकार को निर्देशित करें।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)