होम कोरोना महामारी के बीच सिंधिया ने शुरू की उपचुनाव की तैयारी, एक कॉल से सियासत गरमाई
कोरोना महामारी के बीच सिंधिया ने शुरू की उपचुनाव की तैयारी, एक कॉल से सियासत गरमाई
उपचुनाव को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया किन गतिविधियों में लगे हैं, उसकी एक बानगी मध्य प्रदेश कांग्रेस के एक प्रवक्ता नरेंदर सलूजा के एक ट्वीट में मिलता है। उसमें उन्होंने लिखा है, "कोरोना की इस भीषण महामारी में ज्योतिरदित्य सिंधिया के सांवेर में कार्यकर्ताओं को फोन पहुंचे कि उपचुनाव जिताना है , ध्यान रखना ? अभी तो समय है कोरोना से पीड़ित लोगों का दुःख-दर्द जानना, इस महामारी से निपटना , इस संकट में भी राजनीति ? ये कैसी जनसेवा -ये कैसे जनसेवक ?" मतलब धुआं उठा है तो आग भी कहीं जरूर लगी होगी। जानकारी के मुताबिक 'महाराज' ने सांवेर के एक कार्यकर्ता को फोन कर कहा कि, 'सिंधिया बोल रहा हूं....उपचुनाव की तैयारी अच्छे से करना है, घर पर भी सबको कह देना कि मैंने फोन किया था.........उपचुनाव में मंत्री तुलसी सिलावट की मदद के लिए कह रहे हैं......'
लॉकडाउन की वजह से क्षेत्र में जनसंपर्क हुआ मुश्किल
बता दें कि इंदौर जिले की सांवेर विधानसभा क्षेत्र से पिछले चुनाव में तुलसी सिलावट जीते थे और कमलनाथ की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बने थे। अब वह सिंधिया के साथ आने के लिए विधायकी से इस्तीफा दे चुके हैं और हाल ही में शिवराज सिंह सरकार में भी कैबिनेट मंत्री बनाए गए है। मंत्री बने रहने के लिए उन्हें उपचुनाव जीतना होगा, जिसमें अब पांच महीने बच गए हैं। क्योंकि, एक महीना तो महामारी की चपेट में बर्बाद हो चुका है। लॉकडाउन की वजह क्षेत्र में जाकर तो व्यापक जनसंपर्क करना मुमकिन नहीं है, शायद इसलिए सिंधिया इस खाली समय का फोन पर सदुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। वैसे ये एक सीट अकेली नहीं है। कांग्रेस के जिन बागी 21 विधायकों ने इस्तीफा दिया था, उपचुनाव तो सब पर होने हैं।
मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया के चहेतों के दम पर सीएम बनकर दिन-रात इस वैश्विक महामारी से जंग लड़ने में जुटे हुए हैं। लेकिन, होली के मौके पर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए 'महाराज' को अभी कोरोना वायरस के साथ-साथ सिर पर मंडरा रहे उपचुनावों की चिंता भी सता रही है। जानकारी के मुताबिक यही वजह है कि वह अपने काम पर जुट गए हैं और कार्यकर्ताओं को फोन करके अपने चहेते नेताओं को उपचुनाव में दोबारा विधानसभा में पहुंचाने के लिए काम पर लग जाने को कह रहे हैं। पीछे कांग्रेस भी नहीं है, लेकिन अपने पूर्व 'महाराज' पर निशाना साधने से भी नहीं चूक रही है। (पहली तस्वीर प्रतीकात्मक)
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