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जानिए, आज से यूपी और उत्तराखंड में क्या खुलेगा और क्या बंद रहेगा
देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। यूपी में अभी तक कोरोना वायरस के कुल 1084 पॉजिटिव केस मिल चुके हैं, जिनमें से 17 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, प्रदेश में कोरोना वायरस के 108 मरीज ठीक भी हो चुके हैं। इसी तरह उत्तराखंड में कोरोना वायरस अभी तक 42 लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है। हालांकि, राहत की बात ये है कि यहां अभी तक कोरोना वायरस के कारण किसी की जान नहीं गई है। उत्तराखंड में कोरोना के 42 मरीजों में से 9 ठीक भी हो चुके हैं।
कोरोना के संक्रमण की चेन तोड़ने के देश में लॉकडाउन का दूसरा चरण 3 मई तक के लिए लागू है। लॉकडाउन के तहत केवल जरूरी सेवाओं की श्रेणी में आने वाली सुविधाएं ही आम लोगों के खुली हुई हैं। हालांकि 20 अप्रैल से लॉकडाउन-2 में कुछ और सेवाओं में छूट मिलनी शुरू हो जाएगी। छूट के बावजदू सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने की अनिवार्यता का पालन करना होगा। हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट जोन में किसी तरह की छूट अभी नहीं दी जाएगी। आइए जानते हैं कि 20 अप्रैल से यूपी और उत्तराखंड में क्या-क्या खुलेगा और क्या-क्या बंद रहेगा।
20 अप्रैल से यूपी और उत्तराखंड में क्या-क्या खुलेगा:-
1:- आयुष सहित सभी स्वास्थ्य सेवाएं
2:- आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में आने वाले अधिकृत निजी प्रतिष्ठान
3:- कृषि और बागवानी से जुड़ी सभी गतिविधियां, खेती के कार्य, कृषि उत्पादों की खरीद में लगी एजेंसियां, एमएसपी संचालन, राज्यों द्वारा अधिसूचित एपीएमसी द्वारा संचालित मंडियां
4:- मछली पालन (समुद्री और अंतर्देशीय), जलीय कृषि उद्योग
5:- अधिकतम 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ चाय, कॉफी और रबर के बागान
6:- दूध और दूध उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, वितरण और बिक्री
7:- अधिकतम 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ चाय, कॉफी, रबर, काजू की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, बिक्री और मार्केटिंग
8:- पशुपालन फार्म, पोल्ट्री फार्म, हैचरी और पशुधन खेती
9:- पशु आहार निर्माण और चारे का रोपण
10:- पशु आश्रय गृह और गौशालाओं का संचालन
11:- डीबीटी कैश ट्रांसफर के पूरा होने तक सामान्य काम के घंटों के अनुसार बैंक की शाखाएं
12:- इंश्योरेंस कंपनियां
13:- ऑब्जर्वेशन होम्स, जुवेनाइल सुरक्षा घर
14:- ईपीएफओ द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन और प्रोविडेंट फंड सेवाओं का वितरण
15:- 15 दिनों में एक बार खाद्य पदार्थों के वितरण के लिए आंगनबाड़ी। लाभार्थियों को आंगनबाड़ी नहीं जाना है।
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