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कोरोना: एम्स सहित दिल्ली के 6 बड़े अस्पतालों में 85 फीसदी वेंटीलेटर फुल
भारत में कोरोना (Corona virus) के मरीजों की संख्या बढ़ी है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई अध्ययन भी सामने आए हैं जिनमें दावा किया है कि आने वाले दिन भारत के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं. हालांकि सरकार (Government) फिलहाल देश को काफी मजबूत स्थिति में मान रही है लेकिन अगर ये वायरस सामुदायिक स्तर पर फैलता है तो दिल्ली के छह बड़े सरकारी अस्पतालों के लिए काफी कठिनाई हो सकती है. हालात यह हैं कि दिल्ली एम्स में कुल 57 वेंटिलेटर हैं जिनमें से केवल 13 रिक्त हैं. एम्स सहित इन छह अस्पतालों में 85 फीसदी वेंटिलेटर खाली नहीं है. जिन अस्पतालों में आईसीयू बिस्तरों की भारी कमी में उसमे दिल्ली एम्स, सफदरजंग, आरएमएल, वल्लभ भाई पटेल इंस्टीट्यूट, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, सुचेता कृपलानी बाल चिकित्सालय है.आरएमएल अस्पताल सूत्रों के अनुसार कुछ वेंटिलेटर का ही इस्तेमाल स्थिति के अनुसार किया जा सकता है लेकिन तब अन्य मरीजों को दिक्कत आ सकती है. इस वक्त उनके यहां सर्जिकल और इमरजेंसी (Emergency) को छोड़ बाकी किसी भी ब्लॉक में वेंटिलेटर खाली नहीं है. पड़ताल के दौरान इन छह अस्पतालों में 219 वेंटिलेटर पाए, जिनमें से महज 36 ही खाली थे. एम्स में कुल 57 वेंटिलेटर हैं जिनमें से 13 रिक्त हैं. इन 13 में कोविड-19 (Kovid-19) के लिए आठ वेंटिलेटर रखे गए हैं लेकिन सफदरजंग अस्पताल में 79 में से महज 9 वेंटिलेटर ही रिक्त हैं. जबकि दो वेंटिलेटर में से एक काम नहीं कर रहा तो दूसरा बेहद पुराना है. आरएमएल अस्पताल के विभिन्न ब्लॉक को मिलाकर 64 में से 12 वेंटिलेटर खाली थे. इनमें कोरोना (Corona virus) के लिए स्वाइन फ्लू वार्ड में छह वेंटिलेटर आरक्षित हैं जिनमें से केवल 4 खाली हैं. यहां 2 कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती हैं जिनमें से एक वेंटिलेटर पर है.
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