होम पोस्टर विवाद में पीछे हटने को तैयार नहीं योगी सरकार, देखिए कितना सख्त कानून है बनाया

समाचारदेश Alert Star Digital Team Mar 16, 2020 07:46 PM

पोस्टर विवाद में पीछे हटने को तैयार नहीं योगी सरकार, देखिए कितना सख्त कानून है बनाया

पोस्टर विवाद में पीछे हटने को तैयार नहीं योगी सरकार, देखिए कितना सख्त कानून है बनाया

पोस्टर विवाद में पीछे हटने को तैयार नहीं योगी सरकार, देखिए कितना सख्त कानून है बनाया

 उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने रविवार को यूपी रिकवरी आफ डैमेज टू पब्लिक एंड प्राइवेट प्रॉपर्टी अध्यादेश 2020 मंजूरी दे दी है। इस अध्यादेश में राजनीतिक जुलूस, प्रदर्शन, हड़ताल व बंद के दौरान सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर उपद्रवियों से वसूली के लिए बेहद कड़े प्रावधान किए गए हैं। इसके लिए राज्य सरकार रिटायर्ड जिला जज की अध्यक्षता में क्लेम ट्रिब्यूनल बनाएगी। इसके फैसले को किसी भी अन्य न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकेगी। इतना ही नहीं, ट्रिब्यूनल को आरोपी की संपत्ति अटैच करने अधिकार होगा। साथ ही वह अधिकारियों को आरोपी का नाम, पता व फोटोग्राफ प्रचारित-प्रसारित करने का आदेश दे सकेगा कि आम लोग उसकी संपत्ति की खरीदारी न करें।अगर आप संपत्ति नुकसान के नए कानून के बारे में जानना चाहते हैं तो यहां से संपत्ति नुकसान के नए कानून के बारे में पूरी जानकारी ले सकते हैं।अध्यादेश के मुताबिक ट्रिब्यूनल में अध्यक्ष के अलावा एक सदस्य भी होगा। यह सहायक आयुक्त स्तर का अधिकारी होगा। ट्रिब्यूनल नुकसान के आंकलन के लिए क्लेम कमिश्नर की तैनाती कर सकेगा। वह क्लेम कमिश्नर की मदद के लिए प्रत्येक जिले में एक-एक सर्वेयर भी नियुक्त कर सकता है, जो नुकसान के आकलन में तकनीकी विशेषज्ञ की भूमिका निभाएगा। ट्रिब्यूनल को दीवानी न्यायालय का पूरा अधिकार होगा और यह भू-राजस्व की तरह क्लेम वसूली का आदेश दे सकेगा। सरकार की मानें तो इस अध्यादेश के कानून बनने से सार्वजनिक संपत्ति व निजी संपत्ति की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी।

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