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रामलला मंदिर के पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा, प्रसाद पर लगा प्रतिबंध हटना चाहिए
रामलला मंदिर के पुजारी सत्येंद्र दास के मुताबिक, इस दौरान रोजाना ठाकुर जी की ड्रेस दिन के हिसाब के रंगों में बदली जाती है. साथ ही कलश स्थापना कर नव ग्रहों का आह्वान होता है. पेड़ा,मेंवा लड़डू आदि का भोग लगता है. इसके साथ ट्रस्ट के पदाधिकारी और भव्यता बढ़ने के लिए जो जोड़ना चाहते है,उस भी जोड़ा जाएगा. इस बाबत रिसीवर व ट्रस्ट के सदस्यों से राय ली जाएगी.पुजारी ने कहा कि मेरी तरफ से दो प्रमुख सुझाव हैं जिस पर गौर करना चाहिए. पहला श्रद्धालुओं को प्रसाद व चढावा चढ़ाने के लिए अन्य मंदिरों की तरह छूट होनी चाहिए. अभी केवल इलायची दाने व मिश्री का ही प्रसाद, वह भी पारदर्शी पैक में चढ़ाने की अनुमति है. प्रसाद पर लगा प्रतिबंध हटना चाहिए. पहले सभी तरह की मिठाई लड्डू,पेड़ा, वस्त्र,बर्तन आदि को रामलला को अर्पित करने की छूट
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