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समाचारदेश Alert Star Digital Team Mar 14, 2020 07:49 PM

कांग्रेस के पास बूढ़ों की फौज, सामने बीजेपी का जोश, देखें दोनों की तुलना

कांग्रेस के पास बूढ़ों की फौज, सामने बीजेपी का जोश, देखें दोनों की तुलना

कांग्रेस के पास बूढ़ों की फौज, सामने बीजेपी का जोश, देखें दोनों की तुलना

कांग्रेस में युवा बनाम बुजुर्ग विवाद जोरों पर है. दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद इसमें काफी तेजी आई है, वरना यह विवाद तो काफी लंबे समय से चल रहा है. आखिर हो भी क्यों न? कांग्रेस एक तरफ बीजेपी से मुकाबला करना चाहती है, दूसरी तरफ बूढ़े बुजुर्गों को फ्रंटलाइन पर रखी हुई है. बीजेपी में 75 प्लस यानी सक्रिय राजनीति से विदाई. अपवाद स्वरूप वीएस येदियुरप्पा को छोड़कर.

कांग्रेस के 10 नेता यदि बीजेपी में रहे होते तो काफी पहले मार्ग दर्शक मंडल में भेज दिए गए होते या राजनीतिक बियावान में होते. एक नजर इन 10 नेताओं के नाम और इनकी बढ़ती उम्र पर डालना लाजमी होगा.

90 प्लस (1 नेता) - मोती लाल वोरा (20 दिसंबर 1927).
85 प्लस (3 नेता) - मनमोहन सिंह (26 सितंबर 1932), वीरभद्र सिंह (23 जून 1934) और तरुण गोगोई (11 अक्टूबर 1934).
75 प्लस (6 नेता) - एके एंटनी (28 दिसंबर 1940), ऑस्कर फ़र्नान्डिस (27 मार्च 1941), कैप्टेन अमरिंदर सिंह (10 मार्च 1942), मल्लिकार्जुन खड़गे (21 जुलाई 1942), अंबिका सोनी (13 नवंबर 1942) और पीएल पुनिया (23 जनवरी 1945).

70 प्लस 15 नेता हैं, जिसमें 2 इसी साल 75 प्लस की श्रेणी में चले जायेंगे. जनार्दन द्विवेदी और पी चिदंबरम यह दोनों भी सितंबर'20 में 75 प्लस के हो जाएंगे. बीजेपी की दृष्टि से देखें तो एक दर्जन इन नेताओं की छुट्टी अब तक हो जानी चाहिए थी.

70 प्लस (15 नेता) - जनार्दन द्विवेदी ( 5 सितंबर 1945), पी चिदंबरम (16 सितंबर 1945), कमलनाथ (18 नवंबर 1946), सोनिया गांधी (9 दिसंबर 1946), रामेश्वर उरांव (14 फरवरी 1947), दिग्विजय सिंह (28 फरवरी 1947), वी नारायणसामी (30 मई 1947), भूपेंद्र सिंह हुड्डा (15 सितंबर 1947), फुरकान अंसारी (5 फरवरी 1948), हरीश रावत (27 अप्रैल 1948), कपिल सिब्बल (8 अगस्त 1948), सिद्धारमैया (12 अगस्त 1948), गुलाम नबी आजाद (7 मार्च 1949), ताम्रध्वज साहू (6 अगस्त 1949) और अहमद पटेल (21 अगस्त 1949).

कांग्रेस के 25 नेताओं में 17 का जन्म आजादी के पहले और 8 का जन्म आजादी के बाद हुआ है. जबकि, बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व पर आसीन चारों व्यक्तियों का जन्म आजादी के बाद हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (17 सितंबर 1950), रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (10 जुलाई 1951), बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (2 दिसंबर 1960) और गृह मंत्री अमित शाह (22 अक्टूबर 1964). ऐसे में दोनों दलों में है कोई तुलना?

Alert Star Digital Team

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