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दिल्ली हिंसा पर अमित शाह बोले- 336 लोग UP से आए थे, किसी को बख्शा नहीं जाएगा
राष्ट्रीय राजधानी स्थित उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा पर (Delhi Violence) गुरुवार को राज्यसभा (Rajya Sabha) में चर्चा हो रही है. चर्चा के बाद गृहमंत्री अमित शाह सदन में बयान देंगे. बुधवार को लोकसभा में दिल्ली हिंसा पर चर्चा हुई थी. इस दौरान शाह ने दिल्ली पुलिस की पीठ भी थपथपाई थी और कहा कि पुलिस ने 36 घंटे के अंदर दिल्ली में हिंसा रोकी. हालांकि इस दौरान सदन में जमकर हंगामा भी देखने को मिला. वहीं आज चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने केंद्र की मोदी सरकार और गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) पर सवाल उठाए.
शाह ने कहा कि बहुत दु:ख के साथ मैं कहना चाहता हूं कि पूरे देश में CAA को लेकर मुसलमान भाइयों-बहनों के मन में एक भय बैठाया गया कि आपकी नागरिकता CAA से छीन ली जाएगी. ये गलत अफवाहें फैलाई जा रही हैं, CAA नागरिकता लेने का कानून है ही नहीं, ये नागरिकता देने का कानून है.
लोगों की जान गई, घर जल गए, हम निजता की बात करते हैं: शाह
शाह ने कहा कि सदन में कहा गया था फेस आईडी के लिए हम जिस साफ्टवेयर का यूज कर रहे हैं उससे निजता भंग हो रही है. मैं यहां पर स्पष्ट कर दूं कि इसके लिए हम आधार डेटा का उपयोग नहीं कर रहे हैं. हमने ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आईडी कार्ड का फेस आईडी के लिए उपयोग किया. लेकिन मैं काफी विनम्रता के साथ सदन से कहना चाहता हूं कि किसी की जान चली गई, किसी का घर जल गया तो क्या हम निजता की बात करते हैं. 1100 की पहचान हुई, 336 लोग UP ये आए थे: अमित शाह
अमित शाह ने कहा कि पुलिस को यह अधिकार होना चाहिए कि जिसने भी ऐसा काम किया है उसे वैज्ञानिकता के साथ कोर्ट के सामने खड़ा करे और कठोर से कठोर सजा देने का काम किया जाए. इसमें हमने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का दुरुपयोग नहीं किया. उन्होंने कहा कि हिंसा में 1100 से ज्यादा लोगों की पहचान हुई. जिनमें 336 लोग उत्तर प्रदेश से आए थे. ये सवाल उठता है कि यूपी के लोगों का नाम क्यों लिया जा रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि दिल्ली में जहां हिंसा हुई उसकी सीमा यूपी से लगती है. हिंसा के दौरान यूपी से लोग आए, इसका हमारे पास प्रमाण भी है.
हम किसी को बख्शेंगे नहीं: अमित शाहदेश के गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली हिंसा पर आज सदन में चर्चा हो रही है. सबसे पहले इस हिंसा में जिन लोगों की जान गई और जिन लोगों की मलकियत को नुकसान पहुंचा है उन लोगों के प्रति दिन की गहराई से संवेदना, दुख प्रकट करता हूं. मैं देश को भी विश्वास दिलाना चाहता हूं कि हिंसा में शामिल लोग चाहे किसी भी जाति, मजहब और पार्टी के होंगे उनको बख्शा नहीं जाएगा. उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा.
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