होम अगर आप भी हैं SBI बैंक के कस्टमर्स, तो जान लें बैंक में होने जा रहे हैं ये 2 बड़े बदलाव
अगर आप भी हैं SBI बैंक के कस्टमर्स, तो जान लें बैंक में होने जा रहे हैं ये 2 बड़े बदलाव
भारतीय स्टेट बैंक ने अपने 44.51 करोड़ बचत खाताधारकों के लिए खाते में औसत मासिक न्यूनतम राशि रखने की अनिवार्यता बुधवार को समाप्त करने की घोषणा की। इससे अब बैंक के सभी बचत खाताधारकों को ‘जीरो बैलेंस’ खाते की सुविधा मिलने लगेगी। इसके अलावा बैंक ने सभी बचत खातों पर ब्याज दर समान रुप से तीन प्रतिशत वार्षिक कर दिया है। साथ ही मियादी जमाओं तथा कोष की सीमांत लागत आधारित ब्याज दरों (एमसीएलआर) में कटौती की भी घोषणा की है। देश के सबसे बड़े बैंक के ब्याज दरों में कटौती की घोषणा से अन्य बैंकों के भी ऐसा करने की उम्मीद बढ़ गयी है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंक के न्यूनतम राशि की अनिवार्यता खत्म करने के फैसले की सराहना की है। सीतारमण ने ट्वीट किया, ‘‘ एसबीआई का खाते में न्यूनतम राशि रखने की अनिवार्यता समाप्त करने के निर्णय से गरीब और मध्यम वर्ग को बहुत मदद मिलेगी। यह फैसला उनके जीवन को और आसान बनाएगा।’’ एसबीआई ने एक बयान में कहा कि ‘ग्राहकों के हित सर्वोपरि’ की अवधारणा पर चलते हुए और देश में वित्तीय समावेशन आगे बढ़ाने के लिए उसने औसत मासिक न्यूनतम राशि (एएमबी) रखने की अनिवार्यता खत्म की है। साथ ही त्रैमासिक आधार पर एसएमएस सेवा के लिए वसूले जाने वाले शुल्क को भी खत्म कर दिया गया है।
एएमबी समाप्त किए जाने से बैंक के इन खाताधारकों को ‘जीरो बैलेंस’ (यानी कोई न्यूनतम राशि नहीं रखने) की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा बैंक ने बचत खातों पर वार्षिक ब्याज दरों को तर्कसंगत बनाते हुए सभी श्रेणियों के लिए समान रूप से तीन प्रतिशत कर दिया है। वर्तमान में एकलाख रुपये तक की जमा पर बचत खाताधारकों को 3.25 प्रतिशत वार्षिक और एक लाख रुपये से अधिक की जमा पर तीन प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज मिलता है।
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