होम मुसलमानों को शिक्षा के क्षेत्र में आरक्षण देने पर उद्धव ठाकरे ने कही ये बात
मुसलमानों को शिक्षा के क्षेत्र में आरक्षण देने पर उद्धव ठाकरे ने कही ये बात
.महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मुसलमानों को शिक्षा के क्षेत्र में पांच प्रतिशत कोटा दिये जाने के मुद्दे पर कहा कि अभी तक यह आधिकारिक रूप से मेरे पास नहीं आया है. हमें अभी इस पर अपना रुख तय करना है. जब हम वास्तव में इस मामले में चर्चा करेंगे तब तकविपक्ष को अपनी ऊर्जा बचा कर रखनी चाहिये.
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार 28 फरवरी को महाराष्ट्र में शिवसेना की गठबंधन सरकार ने मुसलमानों को शिक्षा एवं रोजगार में आरक्षण दिये जाने को लेकर बड़ा ऐलान किया था. एनसीपी के नेता नवाब मलिक ने कहा था कि मुसलमानों के लिए शिक्षा में आरक्षण दिये जाने को लेकर हाइकोर्ट ने सहमति दी है जिसे महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार एक नया कानून बनाकर इसे लागू करने का प्रयास कर रही है. इसके बाद नौकरी और निजी स्कूलों में आरक्षण दिये जाने पर भी विचार किया जाएगा.
इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद फणनवीस का कहना था कि भाजपा धर्म के आधार पर दिये जा रहे इस आरक्षण का विरोध करेगी. उनका कहना था कि जो नियम संविधान के खिलाफ हो उसका विरोध किया जाना चाहिये. ये धर्म के विरुद्ध है इसलिए हम इसका विरोध करते हैं. बता दें कि वर्ष 2014 से पहले मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस-एनसीपी सरकार ने मुसलमानों को पांच फीसदी आरक्षण और मराठों को 16 फीसदी आरक्षण को लेकर घोषणा की थी. लेकिन चुनाव के बाद बाजी पलट गयी और भाजपा व शिवसेना गठबंधन की सरकार बन गई. नई सरकार के बनने के बाद मराठा आरक्षण वाली बात तो बरकरार रही किन्तु मुस्लिम वर्ग के लिए आरक्षण को लेकर कोई कदम नही उठाया गया.
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