होम एनपीआर के नवीनीकरण को लेकर राज्यों से चर्चा, नहीं देने होंगे कोई कागज
एनपीआर के नवीनीकरण को लेकर राज्यों से चर्चा, नहीं देने होंगे कोई कागज
केंद्र सरकार का कहना है कि वह राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के नवीनीकरण की तैयारियों को लेकर राज्य सरकारों से चर्चा कर रही है। एनपीआर की प्रक्रिया एक अप्रैल से 30 सितंबर तक चलेगी। इस कवायद के दौरान लोगों से कोई दस्तावेज जमा नहीं कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सीएए विरोधी प्रदर्शनों में शामिल पांच विदेशी नागरिकों को वीजा नियमों का उल्लंघन करने पर भारत छोड़कर जाने को कहा गया है।
एनपीआर की कवायद के दौरान कोई दस्तावेज नहीं लिए जाएंगे
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में बताया कि एनपीआर की प्रक्रिया जनगणना-2021 के हाउस लिस्टिंग चरण के दौरान ही पूरी की जाएगी। उन्होंने एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि एनपीआर की तैयारियों को लेकर राज्य सरकारों ने जो चिंता जताई थी, उस संबंध में केंद्र उनसे बातचीत कर रहा है। एनपीआर की प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक परिवार और व्यक्ति से जनसंख्या संबंधी आंकड़े और अन्य संबंधित जानकारियां जुटाई जाएंगी। इस कवायद के दौरान कोई दस्तावेज नहीं लिए जाएंगे।
एनपीआर पर आपत्ति जताने वाले राज्यों से वार्ता आरंभ
गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार ने इसमें आ रहे गतिरोधों को दूर करने के लिए आपत्ति जताने वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत शुरू कर दी है। पंजाब, केरल, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ ऐसे कुछ गैर भाजपा शासित राज्य हैं, जो एनपीआर को लेकर अपनी आपत्तियां जता चुके हैं। इसी कवायद के तहत रजिस्ट्रार जनरल एं सेंसस कमिश्नर विवेक जोशी ने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से सेंसस और एनपीआर की तैयारियों को लेकर विचार-विमर्श किया है। केंद्रीय कैबिनेट एनपीआर की कवायद के लिए 3,941.35 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है।
घुसपैठियों का केंद्र के पास सटीक डाटा नहीं
लोकसभा में नित्यानंद राय ने बताया कि दिल्ली समेत पूरे देश में अवैध रूप से घुसे घुसपैठियों का कोई सटीक डाटा केंद्र सरकार के पास नहीं है। चूंकि यह लोग बिना किसी वैध दस्तावेज के चोरी-छिपे या धोखाधड़ी करके भारत में प्रवेश करते हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऐसे विदेशी घुसपैठियों को देश के बाहर प्रत्यर्पित करने के लिए विगत 24 अप्रैल, 2014 और 01 जुलाई, 2019 को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे। मंत्रालय ने इन राज्यों को अवैध घुसपैठियों की पहचान और निगरानी के लिए भी 08 अगस्त, 2017 और 28 फरवरी, 2018 को पत्र जारी किए थे।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।