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प्रधानमंत्री मोदी के प्रशंसक होने के बावजूद व्यापारियों का सरकार से हो रहा मोहभंग
बावजूद इस बात के की देश का व्यापारी वर्ग आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रशंसक है और व्यापारियों एवं लघु उद्योगों के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण और सोच से बहुत प्रभावित है फिर भी वर्तमान आर्थिक मंदी तथा सरकारी स्तर पर व्यापारियों की बेरूखी को देखते हुए अब देश के व्यापारियों का सरकार के प्रति मोहभंग होना शुरू हो गया है ! भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद व्यापारियों को जबरदस्त उम्मीद थी की व्यापारियों के प्रति सरकार का नजरिया बदलेगा और देश में व्यापारियों को सरल और बेहतर व्यापार करने के अवसर मिलेंगे किन्तु ऐसा कतई न होने से व्यापारी बेहद नाराज़ और छुब्ध हैं.
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने इस विषय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अनेक मौकों पर व्यापारियों को मजबूत करने की मंशा व्यक्त करने के बाद भी व्यापारी स्वयं को सरकार में बेहद उपेक्षित महसूस करते हैं ! उल्लेखनीय है की कैट ने प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल पेमेंट को अपनाने पर देश भर में सबसे ज्यादा काम किया, जीएसटी को देश भर में लागू करवाने में व्यापारियों ने सरकार का साथ दिया, नोटबंदी के कारण हुई अनेक परेशानियों के बावजूद सरकार के निर्णय का व्यापारियों ने स्वागत किया वहीँ प्रधानमंत्री की अन्य घोषणाओं पर कैट ने देश भर में सकारात्मक माहौल बनाया किन्तु इसके बावजूद भी व्यापारियों की समस्याएं ज्यों की त्यों बनी हुई है.
इस स्तिथि को देखते हुए कैट ने आगामी 5 -6 मार्च को पटना में अपने राष्ट्रीय गवर्निंग कॉउन्सिल की एक बैठक बुलाई है जिसमें देश के सभी राज्यों के प्रमुख व्यापारी नेता शामिल होंगे और वर्तमान आर्थिक एवं व्यापारिक हालातों के मद्देनज़र व्यापारिक विषयों पर विचार कर भविष्य की रणनीति तय करेंगे. दोनों व्यापारी नेताओं ने कहा की जीएसटी को सरलीकृत करने की सरकार की स्पष्ट मंशा के बावजूद जीएसटी बेहद उलझावपूर्ण कर सिस्टम बन गया है जिसके अंतर्गत व्यापारियों पर एक बार कर देने के बाद भी दोबारा कर देने की बाध्यता को लाद दिया गया है.
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