होम सीजेआइ ने कहा, जजों का लक्ष्य लोकप्रियता पाना नहीं, विवाद सुलझाना
सीजेआइ ने कहा, जजों का लक्ष्य लोकप्रियता पाना नहीं, विवाद सुलझाना
प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) शरद अरविंद बोबडे ने शनिवार को कहा कि देश में मुकदमे से पहले अनिवार्य मध्यस्थता वाला कानून बनाने का यह सबसे सही समय है। उन्होंने कहा कि इससे कार्यक्षमता सुनिश्चित होगी और पक्षकारों के साथ ही साथ अदालतों के लिए मामलों के लंबित होने का समय घटेगा।
प्रधान न्यायाधीश 'वैश्वीकरण के युग में मध्यस्थता' विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के तीसरे संस्करण को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी भी जज का लक्ष्य लोकप्रियता पाना नहीं होता है। उसका उद्देश्य यह होता है कि विवाद का हल हो। जस्टिस बोबडे ने कहा कि भारत में संस्थागत मध्यस्थता के विकास के लिए एक मजबूत 'आरबिट्रेशन (मध्यस्थता) बार' जरूरी है क्योंकि यह ज्ञान और अनुभव वाले पेशेवरों की उपलब्धता और पहुंच सुनिश्चित करेगा।
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