होम रेटिंग एजेंसी इक्रा का अनुमान, जीएसटी मुआवजा कोष में 25,000 करोड़ रुपए की हो सकती है कमी

समाचारदेश Alert Star Digital Team Feb 7, 2020 09:00 PM

रेटिंग एजेंसी इक्रा का अनुमान, जीएसटी मुआवजा कोष में 25,000 करोड़ रुपए की हो सकती है कमी

रेटिंग एजेंसी इक्रा का अनुमान, जीएसटी मुआवजा कोष में 25,000 करोड़ रुपए की हो सकती है कमी

रेटिंग एजेंसी इक्रा का अनुमान, जीएसटी मुआवजा कोष में 25,000 करोड़ रुपए की हो सकती है कमी

रेटिंग एजेंसी इक्रा का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में अक्तूबर-2019 से जनवरी-2020 की अवधि के दौरान राज्यों को जीएसटी मुआवजे का करीब 60,000 से 70,000 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाना है। रेटिंग एजेंसी का मानना है कि वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान जीएसटी मुआवजा कोष में करीब 15,000 से 25,000 करोड़ रुपए की कमी रहेगी। एजेंसी का आकलन है कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित नुकसान की वजह से अक्तूबर, 2019 से जनवरी, 2020 की अवधि के दौरान राज्यों को किए जाने वाले मुआवजे का भुगतान करीब 60,000-70,000 करोड़ रुपए बैठेगा। केंद्र को इसका भुगतान मार्च तिमाही तक करना है।

कानून के तहत केंद्र को राज्यों को जीएसटी व्यवस्था में पहले पांच साल के दौरान राज्यों को 14 प्रतिशत सालाना का भुगतान करना है। सरकार ने पहले इस साल जीएसटी संग्रह में 18 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया था। वहीं इस साल जनवरी तक इसमें करीब पांच प्रतिशत की ही वृद्धि हुई है। चालू वित्त वर्ष में सितंबर तक केंद्र ने राज्यों को मुआवजे के रूप में करीब एक लाख करोड़ रुपए जारी किए हैं।

इक्रा के कॉरपोरेट क्षेत्र रेटिंग के समूह प्रमुख जयंत रॉय के अनुसार अक्तूबर, 2019 से जनवरी, 2020 के दौरान राज्यों को जीएसटी नुकसान पर 60,000 से 70,000 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाना है। दिसंबर, 2019 तक मुआवजा कोष में उपलब्ध राशि 17,000 करोड़ रुपए थी। चौथी तिमाही में 28,000 करोड़ रुपए का मुआवजा उपकर जुटने का अनुमान है। इस तरह 2019-20 में मुआवजा कोष में 15,000 करोड़ से 25,000 करोड़ रुपए की कमी रहने का अनुमान है।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)