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सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए सक्रिय लोगों का समूह बनाएं: भागवत
भोपाल. सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए समाज के सक्रिय लोगों का ऐसा जागरूक समूह बनाएं, जो हर सामाजिक चुनौतियों से निपट सकता है, समाज की हर कुरीति को दूर कर सकता है. ऐसे समूह हर प्रदेश से विकासखंड और हर नगर स्तर तक गठित किए जाएं. इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक हों, संघ से जुड़े विविध संगठन के कार्यकर्ता हों और समाज परिवर्तन में अहम भागीदारी निभाने वाले सक्रिय लोग हों. तभी हम समाज परिवर्तन के सपने को साकार कर सकते हैं.
यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने गुरुवार को भोपाल में भारतीय जनता पार्टी और अन्य आनुषांगिक संगठनों के नेताओं को संबोधित करते हुए कही. राजधानी स्थित शारदा विहार विद्यालय में समन्वय बैठक के समापन सत्र में भागवत ने कहा कि संघ को यह अहंकार नहीं कि सिर्फ वही समाज परिवर्तन का काम कर सकता है, इसलिए समाज की बेहतरी का काम करने वाले सभी लोगों को इस काम में जोड़ा जाए.
मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ भाजपा व संघ और अन्य संगठन के नेताओं से भागवत ने कहा कि वैचारिक एवं सामाजिक नेतृत्व तैयार करने के लिए सभी अपने संगठनों में अनुशासित, धैर्यवान, सक्षम एवं स्वावलंबी कार्यकर्ताओं को जोड़ें. अपने कार्यों का विस्तार ग्रामीण स्तर तक करें, ताकि आने वाले समय में हम सामाजिक चुनौतियों एवं कुरीतियों का सामना करने में सक्षम और स्वावलंबी बन सकें. सभी संगठनों के कार्यकर्ता एक-दूसरे के पूरक बनकर स्वयंसेवक भाव से अपने कार्यों का विस्तार करें एवं सगंठन को मजबूत बनाएं.
संगठित समाज बिना संभव नहीं समर्थ भारत
उन्होंने कहा कि जागृत समाज के माध्यम से संगठित समाज खड़ाकर सामर्थ्य संपन्न् भारत को खड़ा करना हम सब का उद्देश्य है. नैतिक शिक्षा को समाज में चर्चा का विषय बनाकर इस कार्य को हमें निचले स्तर तक के कार्यकर्ता को उत्कृष्ट तरीके से समझाना होगा.
संघ प्रमुख ने कहा कि हमारे कार्य के प्रति समाज में विश्वास एवं स्वीकार्यता बढ़ी है. आज भारतीय समाज संघ के उद्देश्यों को समझ रहा है और आगे होकर सहयोग करना चाहता है. इस समय सामाजिक सद्भाव के माध्यम से हम अपने विचारों एवं कार्यों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुचाएं, ताकि एक आदर्श भारतीय समाज का निर्माण हो सके.
उल्लेखनीय है कि इस दो दिवसीय समन्वय बैठक में विविध संगठनों के मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के प्रमुख कार्यकर्ता शामिल हुए. संगठनों ने गत वर्ष की प्रतिनिधि सभा में दिए गए लक्ष्यों पर आधारित अपने प्रतिवेदन प्रस्तुत किए एवं राष्ट्रहित के विषयों पर आयोजित किए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी. बैठक में अगले वर्ष की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई.
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