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समाचारदेश Alert Star Digital Team Feb 5, 2020 08:06 PM

डिफेंस एक्सपो: सज गया हथियारों का सबसे बड़ा बाजार

डिफेंस एक्सपो: सज गया हथियारों का सबसे बड़ा बाजार

डिफेंस एक्सपो: सज गया हथियारों का सबसे बड़ा बाजार

डिफेंस एक्सपो का आगाज आज यूपी की राजधानी लखनऊ में हो गया। हथियारों की दृष्टि से यह एशिया का सबसे बड़ा 'बाजार' है। वृंदावन योजना के सेक्टर-15 में 43 हजार वर्गमीटर में फैले 'डिफेंस एक्सपो' क्षेत्र में देश-विदेश की दिग्गज रक्षा कंपनियां अपने-अपने तरकश के 'तीर' दिखा रही हैं। वहीं, बुंदेलखंड डिफेंस कॉरिडोर के लॉन्चिंग पैड के तौर पर देखे जा रहे एक्सपो में देश और यूपी का निशाना दुनियाभर की कंपनियों के निवेश पर होगा।हर दो साल में होने वाले डिफेंस एक्सपो के 11वें संस्करण की मेजबानी लखनऊ को मिली है। पीएम नरेंद्र मोदी ने इसका उद्‌घाटन किया। इसकी थीम 'डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ डिफेंस' रखी गई है। अब पीएम मोदी दुनियाभर की कंपनियों के प्रतिनिधियों, राजनयिकों से संवाद करने जा रहे हैं। साथ ही दुर्गम अभियानों को अपनी बहादुरी से सुगम बनाने वाली सेना की जाबांजी भी देखेंगे। तहजीब के शहर में आए दुनियाभर के मेहमान भी हमारी रक्षा तकनीक, ताकत, तरक्की और सेना के शौर्य से मुखातिब होंगे। 9 फरवरी तक वृंदावन से लेकर गोमती रिवर फ्रंट तक वायु, थल और नौसेना अपने हैरतअंगेज करतब दिखाएंगी।वृंदावन योजना में आठ हॉल बनाए गए हैं। भारत की पहली स्वदेशी तोप धनुष पर केंद्रित 'इंद्रधनुष' इंडिया पवेलियन की केंद्रीय थीम है। रक्षा निर्माण क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों और उत्पादों का इसमें शोकेस होगा। 80 भारतीय कंपनियों के 90 से अधिक रक्षा उत्पाद इसमें दिखेंगे। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के भी 16 नए रक्षा उत्पाद लॉन्च होंगे। वहीं, यूपी पवेलियन में दुनियाभर के रक्षा निवेशकों को यहां की संभावनाओं से परिचित करवाया जाएगा। डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे, रक्षा निर्माण नीति, यूपी में निवेश के अवसर, पर्यटन से संस्कृति तक की झलक यहां दिखेगी।70 देशों की कंपनियों की भागीदारी: राजनाथ
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि एक्सपो में 70 से अधिक देशों की रक्षा कंपनियां और 39 देशों के रक्षामंत्री हिस्सा ले रहे हैं। इसमें अमेरिका, यूके, यूएई, साउथ कोरिया, चेक रिपब्लिक, रूस, मेक्सिको, इजरायल जैसे देश शामिल हैं।

15 से अधिक अफ्रीकी देशों के रक्षामंत्रियों के साथ विशेष कॉन्फ्रेंस का भी पहली बार आयोजन होगा। इसके जरिए भारत अफ्रीकी देशों में रक्षा उत्पादों के बाजार की संभावनाएं तलाशेगा। राजनाथ ने कहा कि भारत लंबे वक्त तक रक्षा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर नहीं रहेगा। हमारी कोशिश है कि एक भाई जवान, एक किसान और तीसरा श्रमवान हो। हम नहीं चाहते कि हमारे युवा डिग्री लेकर दर-दर भटकें और रोजगार न मिलने पर अराजक हों।

एक्सपो में 200 से अधिक एमओयू होने की उम्मीद है। यह 2018 में चेन्नै में हुए डिफेंस एक्सपो का करीब पांच गुना है। रूस के साथ एयरोस्पेस टेक्नॉलजी के क्षेत्र में 10 एमओयू साइन होंगे। इसका बड़ा फायदा डिफेंस कॉरिडोर को होगा।

बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास 29 को
सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुनियाभर की रक्षा कंपनियों को डिफेंस कॉरिडोर में निवेश का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि लैंड बैंक, रियायत, मानव संसाधन और इन्फ्रास्ट्रक्चर में यूपी सबसे आकर्षक है। इसी कड़ी में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास 29 फरवरी को चित्रकूट में होगा। मेरठ से प्रयागराज तक प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास भी इस साल के आखिर में होगा। यूपी सरकार-एचएएल के बीच एमओयू होगा। एचएएल के दो 19 सीटर डोर्नियर प्लेन खरीदे जाएंगे। यह अब तक सेना प्रयोग करती थी। लखनऊ से प्रयागराज, आगरा और बरेली रूट पर सिविल ट्रांसपोर्ट के लिए इनका इस्तेमाल होगा।

50 हजार करोड़ रुपये के प्रस्तावों पर नजर
यूपी के लिहाज से यह आयोजन इसलिए अहम है, क्योंकि बुंदेलखंड में डिफेंस कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। योगी सरकार 50 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों की उम्मीद कर रही है। फिलहाल 17 देशी-विदेशी कंपनियों के साथ एमओयू तय हो चुके हैं।

आईं दिग्गज कंपनियां
लॉकहिड मॉर्टिन (अमेरिका), साब (स्वीडन), बोइंग (अमेरिका), रोहड एंड श्वार्ज (जर्मनी), रोसोबोरन एक्सपोर्ट्स (रूस), एयरबस (फ्रांस), दसां एविएशन (फ्रांस), यूनाइटेड एयरफ्रॉफ्ट (रूस), सिबत (इजरायल), मैगलन एयरोस्पेस (कनाडा), बीएई सिस्टम्स (यूनाइटेड किंगडम)।

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